समाहरणालय परिसर में गुब्बारे उड़ाकर हुआ शुभारंभ, नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक प्रस्तुति ने हिंदी के महत्व का दिया संदेश
बोकारो | 12 सितंबर 2026
समाहरणालय में हिंदी पखवाड़ा कार्यक्रम का शुभारंभ
बोकारो समाहरणालय परिसर में हिंदी पखवाड़ा कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। उपायुक्त अजय नाथ झा और उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार सहित अन्य पदाधिकारियों ने गुब्बारे उड़ाकर कार्यक्रम की शुरुआत की।
कार्यक्रम से पहले नुक्कड़ नाटक ‘हिंदी का कत्ल हो गया’ का प्रभावशाली मंचन किया गया। नाटक के माध्यम से हिंदी भाषा के महत्व, सम्मान और दैनिक जीवन में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग का संदेश दिया गया। वहीं कलाकारों की टीम ने ‘वंदे हिंदी मातरम्, राजभाषा मातरम्’ की संगीतमय प्रस्तुति देकर उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
हिंदी के साथ अन्य भारतीय भाषाओं का भी सम्मान जरूरी
मौके पर उपायुक्त अजय नाथ झा ने हिंदी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हिंदी दिवस को केवल एक दिन तक सीमित नहीं रखना चाहिए। हिंदी के प्रति प्रतिबद्धता और लगाव पूरे वर्ष बना रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत और विशेषकर झारखंड भाषाई विविधता से समृद्ध है। यहां हिंदी के साथ संथाली, मुंडारी, बांग्ला सहित कई भाषाएं बोली जाती हैं। सभी भारतीय भाषाएं मिलकर देश की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करती हैं।
उपायुक्त ने कहा कि भाषा का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य संवाद है। आम लोगों, विशेषकर ग्रामीणों से संवाद करते समय भाषा सरल और लोकजीवन से जुड़ी होनी चाहिए, ताकि प्रशासन की बात सहजता से आमजन तक पहुंच सके।
उन्होंने सभी से हिंदी के साथ-साथ भारतीय भाषाओं के सम्मान, संरक्षण और संवर्धन के लिए लगातार प्रयास करने का आह्वान किया।

‘हिंदी मां की तरह लोगों को जोड़ती है’
उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार ने कहा कि नुक्कड़ नाटक में हिंदी की तुलना मां से की गई, जो लोगों को जोड़ने का सार्थक संदेश देती है। जिस तरह मां परिवार को प्रेम और स्नेह के सूत्र में बांधती है, उसी तरह हिंदी भी लोगों को आपस में जोड़ने का काम करती है।
उन्होंने हिंदी को ‘लिंक लैंग्वेज’ और ‘ब्रिज लैंग्वेज’ बताते हुए कहा कि यह विभिन्न राज्यों, भाषाओं और संस्कृतियों के बीच संवाद स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनकी मातृभाषा बांग्ला है, जबकि उनके ससुराल पक्ष की मातृभाषा अवधी है। ऐसे में दोनों परिवारों के बीच संवाद स्थापित करने में हिंदी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग का लिया संकल्प
उप निदेशक पीआरडी रवि कुमार ने कहा कि हिंदी राष्ट्र को एकता के सूत्र में बांधने वाली भाषा है। यह केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति, संस्कार और राष्ट्रीय एकता की अभिव्यक्ति भी है।
कार्यक्रम के दौरान हिंदी पखवाड़ा के तहत हस्ताक्षर अभियान भी शुरू किया गया। उपायुक्त, डीडीसी समेत पदाधिकारियों, कर्मियों और प्रतिभागियों ने हस्ताक्षर कर दैनिक कार्यों एवं व्यवहार में अधिक से अधिक हिंदी का प्रयोग करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में जिला स्तरीय पदाधिकारी, कर्मी, सेविका-सहायिका और जेएसएलपीएस की सखी दीदियां सहित अन्य लोग मौजूद रहे।





