करम पर्व प्रकृति, आस्था और भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक : मंटू यादव
बोकारो | 22 सितंबर 2026
करम पूजा के पावन अवसर पर बोकारो उत्तरी क्षेत्र के डुंगरीघुटू में करम पूजा का आयोजन श्रद्धा और पारंपरिक उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड मुक्ति मोर्चा बोकारो महानगर समिति के अध्यक्ष मंटू यादव शामिल हुए। उन्होंने करम पर्व को प्रकृति, आस्था, लोक संस्कृति और भाई-बहन के अटूट प्रेम से जुड़ा पर्व बताया।
करम पूजा में शामिल हुए मंटू यादव
करम पूजा के अवसर पर करम व्रत करने वाली बहनों और श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मंटू यादव ने कहा कि करम पर्व झारखंड की समृद्ध संस्कृति, प्रकृति और परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। उन्होंने कहा कि बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र, सुख-शांति, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना के लिए करम पूजा करती हैं।
प्रकृति और सामाजिक मूल्यों का संदेश
मंटू यादव ने कहा कि करम पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है। यह प्रकृति के प्रति सम्मान, आस्था और भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक है। ऐसे पर्व लोक संस्कृति और परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि करम पर्व समाज में आपसी प्रेम, भाईचारे और एकजुटता की भावना को मजबूत करता है। साथ ही, यह लोगों को अपनी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं से जुड़े रहने का संदेश देता है।
झारखंडवासियों को दी शुभकामनाएं
मंटू यादव ने कनारी पंचायत के डुंगरीघुटू सहित बोकारो उत्तरी क्षेत्र के सभी निवासियों और झारखंडवासियों को करम पूजा की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सभी के सुख, शांति, समृद्धि और स्वस्थ जीवन की कामना की।
कार्यक्रम में झामुमो नेता लालमोहन हेंब्रम, साहेब राम हेंब्रम, हराधन मांझी, रामजीत मांझी, उदय गोस्वामी, श्यामलाल टुडू, लोधा मांझी, सूरज हेंब्रम, संजय बेसरा, महेश्वर टुडू, ओपन सिंह सहित बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु और ग्रामीण मौजूद रहे। महिलाओं और युवतियों ने भी पूजा में सहभागिता की।


