बोकारो की बागेश्वरी देवी ने खेती से बदली अपनी किस्मत, सालाना 7 लाख रुपये तक पहुंची आय, महिलाओं के लिए बनीं मिसाल
बोकारो, 3 नवंबर 2026: कभी पारंपरिक खेती और मजदूरी से परिवार चलाने वाली बागेश्वरी देवी आज ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही हैं। बोकारो जिले के चंद्रपुरा प्रखंड स्थित जुनोरी गांव की रहने वाली बागेश्वरी देवी ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर खेती का विस्तार किया। जिला प्रशासन के अनुसार, धान और सब्जी की खेती से उनकी वार्षिक आय लगभग सात लाख रुपये तक पहुंच गई है।
पहले मजदूरी और पारंपरिक खेती पर निर्भर था परिवार
बागेश्वरी देवी के पति का नाम तुलसी राम महतो है। पहले परिवार की आजीविका मुख्य रूप से खेती और मजदूरी पर निर्भर थी।
पूंजी की कमी और कम उत्पादन के कारण परिवार को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
इसके अलावा उपलब्ध कृषि भूमि का पूरा उपयोग भी नहीं हो पाता था।
स्वयं सहायता समूह से जुड़कर शुरू हुआ बदलाव
आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए बागेश्वरी देवी मांसा स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं।
यह समूह जुनोरी ग्राम संगठन के अंतर्गत संचालित है और तेलो संकुल स्तरीय संगठन से जुड़ा है।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत उन्हें बचत, ऋण और प्रशिक्षण का सहयोग मिला।
इसके बाद उन्होंने खेती का विस्तार करने की दिशा में कदम बढ़ाया।
धान के साथ सब्जी उत्पादन से बढ़ी आमदनी
समूह से मिले ऋण का खेती में किया उपयोग
बागेश्वरी देवी ने स्वयं सहायता समूह से प्राप्त ऋण का उपयोग कृषि गतिविधियों को बढ़ाने में किया।
उन्होंने धान की खेती के साथ विभिन्न प्रकार की सब्जियां उगाना शुरू किया।
वहीं, समय पर बीज, खाद, सिंचाई और फसलों की देखभाल पर विशेष ध्यान दिया।
उत्पादित फसलों को स्थानीय बाजार में बेचने से उनकी आमदनी बढ़ने लगी।
बच्चों की पढ़ाई और घरेलू जरूरतों में मिल रही मदद
खेती से होने वाली आय का उपयोग बागेश्वरी देवी बच्चों की पढ़ाई और परिवार की जरूरतें पूरी करने में कर रही हैं।
अब वह आसपास की अन्य महिलाओं को भी स्वयं सहायता समूह से जुड़ने और खेती को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित करना चाहती हैं।
डीसी अजय नाथ झा ने बताया महिला सशक्तिकरण की मिसाल
बोकारो उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण, ऋण और आजीविका के अवसर महिलाओं की आय बढ़ाने में मदद कर रहे हैं।
बागेश्वरी देवी की सफलता दर्शाती है कि सामूहिक सहयोग और मेहनत से ग्रामीण महिलाएं आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं।स्रोत: जिला जनसंपर्क कार्यालय, बोकारो | प्रेस विज्ञप्ति संख्या 1381 | 03.11.2026
खबर के प्रमुख तथ्य
रिपोर्ट की गई वार्षिक आय
₹7 लाख
लगभग, जिला प्रशासन के अनुसार
आजीविका का आधार
धान व सब्जी
खेती और स्थानीय बाजार में बिक्री
जुनोरी गांव, चंद्रपुरा प्रखंड, बोकारो
मांसा स्वयं सहायता समूह • जुनोरी ग्राम संगठन • तेलो संकुल स्तरीय संगठन
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन
बचत, ऋण, प्रशिक्षण और कृषि विस्तार में सहयोग



