MTT-2026 बैच को तकनीकी सेल की गतिविधियों, डिजिटल इंजीनियरिंग और परिचालन दक्षता बढ़ाने की पहल से कराया गया अवगत
बोकारो | 19 सितंबर 2026
बोकारो: बोकारो स्टील प्लांट (BSL) के प्रबंध प्रशिक्षु (MTT)-2026 बैच को संयंत्र में डिजाइन, इंजीनियरिंग और बॉटलनेकिंग के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी गई। इस दौरान प्रशिक्षुओं को तकनीकी सेल विभाग की भूमिका, उपलब्ध तकनीकी संसाधनों और आधुनिक डिजिटल इंजीनियरिंग तकनीकों से परिचित कराया गया।
BSL के तकनीकी सेल की भूमिका समझी
कार्यक्रम के दौरान प्रबंध प्रशिक्षुओं को बीएसएल के तकनीकी सेल विभाग की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी गई। इसमें डिजाइन और इंजीनियरिंग समाधान विकसित करने से लेकर इंजीनियरिंग ड्रॉइंग तैयार करने और उसमें संशोधन करने तक की प्रक्रियाएं शामिल रहीं।
प्रशिक्षुओं को रिवर्स इंजीनियरिंग और संयंत्र के संचालन एवं शटडाउन के दौरान दिए जाने वाले तकनीकी सहयोग के बारे में भी बताया गया।
बॉटलनेक दूर कर दक्षता बढ़ाने पर जोर
सत्र में संयंत्र के विभिन्न बॉटलनेक को दूर करने और परिचालन दक्षता में सुधार के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षुओं को बताया गया कि तकनीकी समाधान संयंत्र के सुचारु संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इसके साथ ही बीएसएल में डिजाइन और इंजीनियरिंग कार्यों के लिए उपलब्ध हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और अन्य तकनीकी संसाधनों से भी प्रशिक्षुओं को परिचित कराया गया।
डिजिटल इंजीनियरिंग और तकनीकी आधुनिकीकरण
कार्यक्रम में तकनीकी संसाधनों के उन्नयन और आधुनिक डिजिटल इंजीनियरिंग तकनीकों को अपनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर भी चर्चा हुई।
बदलती तकनीकी जरूरतों के अनुरूप प्रक्रियाओं और इंजीनियरिंग प्रथाओं में निरंतर सुधार पर जोर दिया गया। बताया गया कि तकनीकी नवाचार और आधुनिकीकरण से संगठन को अधिक दक्ष और प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद मिलती है।
सतत इस्पात उत्पादन में तकनीक की भूमिका
सत्र के दौरान तकनीकी उन्नयन के पर्यावरणीय पहलुओं पर भी जोर दिया गया। आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से परिचालन दक्षता और उत्पादकता बढ़ाने के साथ कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी तथा सतत इस्पात उत्पादन को भी बढ़ावा मिल सकता है।
इस परिचयात्मक कार्यक्रम से MTT-2026 बैच के प्रशिक्षुओं को बीएसएल में डिजाइन और इंजीनियरिंग गतिविधियों के महत्व को समझने का अवसर मिला। साथ ही, संयंत्र के सुचारु और दक्ष संचालन में इन गतिविधियों की भूमिका से भी वे परिचित हुए।


