17 मजदूरों को हटाने और 6 अन्य को काम से बाहर करने का आरोप, राजेंद्र सिंह बोले- शीर्ष प्रबंधन करे हस्तक्षेप
बोकारो | 10 सितंबर 2026
बोकारो स्टील प्लांट (BSL) के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में ठेका मजदूरों का विवाद अब आंदोलन में बदल गया है। कट मनी लौटाने के विवाद और मजदूरों को काम से हटाए जाने के आरोप को लेकर ठेका मजदूरों ने गुरुवार सुबह करीब 6 बजे से काम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। आंदोलन का नेतृत्व क्रांतिकारी इस्पात मजदूर संघ, संबद्ध हिन्द मजदूर सभा के महामंत्री एवं एनजेसीएस सदस्य राजेंद्र सिंह कर रहे हैं।
कट मनी के विवाद को लेकर मजदूरों का काम बंद
यूनियन के अनुसार वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के कई ठेका मजदूरों को कट मनी नहीं लौटाने के विवाद के चलते या तो काम से हटाया गया है या हटाने की धमकी दी जा रही है। यूनियन का दावा है कि आंदोलन में शामिल सभी मजदूर विस्थापित हैं और लंबे समय से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में काम कर रहे हैं।
राजेंद्र सिंह ने प्लांट गेट पर पत्रकारों से बातचीत में प्रबंधन और ठेकेदारों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को “कट मनी और अराजकता का गढ़” बताते हुए कथित तौर पर मजदूरों की कमाई से अवैध कटौती किए जाने का आरोप लगाया।
17 मजदूरों को हटाने का लगाया आरोप
राजेंद्र सिंह के अनुसार, 16 जुलाई को 17 मजदूरों को काम से बाहर कर दिया गया, क्योंकि उन्होंने वेतन से कट मनी लौटाने से इनकार किया था।
यूनियन का कहना है कि इस मामले को लेकर 8 सितंबर को सहायक श्रमायुक्त (केन्द्रीय), धनबाद के समक्ष सुनवाई हुई। राजेंद्र सिंह के मुताबिक, सुनवाई के दौरान मजदूरों की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों पर चर्चा हुई और अगली सुनवाई 23 सितंबर को निर्धारित है।
सुनवाई लंबित होने के बावजूद फिर कार्रवाई का आरोप
यूनियन ने आरोप लगाया कि 8 सितंबर की वार्ता के बाद 10 सितंबर को भी छह मजदूरों को काम से बाहर कर दिया गया। संगठन का कहना है कि इसी वजह से मजदूरों को काम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला लेना पड़ा।
हालांकि, इन आरोपों पर BSL प्रबंधन या संबंधित ठेका एजेंसी का पक्ष इस बयान में उपलब्ध नहीं है। इसलिए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर के आधार पर नहीं की जा सकती।
संवेदनशील वाटर ट्रीटमेंट कार्य को लेकर उठाए सवाल
राजेंद्र सिंह ने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में अनुभवी कर्मचारियों की जगह कथित तौर पर अनुभवहीन मजदूरों से काम कराने को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बेहद संवेदनशील कार्य है और यहां किसी भी प्रकार की लापरवाही का असर शहरवासियों के स्वास्थ्य से जुड़ सकता है।
उन्होंने BSL के शीर्ष प्रबंधन से मामले में हस्तक्षेप कर मजदूरों की समस्याओं का समाधान कराने की मांग की।
अन्य प्लांटों के मजदूरों के आंदोलन की चेतावनी
राजेंद्र सिंह ने चेतावनी दी कि यदि मामले का समाधान नहीं किया गया तो न्याय की मांग को लेकर BSL के अन्य प्लांटों के मजदूर भी काम बंद आंदोलन के लिए मजबूर हो सकते हैं।
फिलहाल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में मजदूरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है। विवाद के समाधान के लिए प्रबंधन और मजदूर संगठन के बीच आगे होने वाली बातचीत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।






