बोकारो D.Y. पाटिल स्कूल में शिक्षक दिवस की धूम, शिक्षकों को प्रशस्ति-पत्र और उपहार से किया सम्मानित
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर D.Y. पाटिल इंटरनेशनल स्कूल बोकारो में शिक्षक दिवस मनाया गया। विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए शिक्षकों के प्रति सम्मान और आभार जताया। अंत में शिक्षकों को प्रशस्ति-पत्र और उपहार देकर सम्मानित किया गया।
डॉ. राधाकृष्णन की जयंती पर विद्यार्थियों ने संभाली शिक्षक की भूमिका, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से जताया गुरुजनों के प्रति आभार
बोकारो | 5 सितंबर 2026
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर डी. वाई. पाटिल इंटरनेशनल स्कूल, बोकारो में शिक्षक दिवस बड़े ही हर्षोल्लास, सम्मान और श्रद्धा के साथ मनाया गया। विद्यालय में आयोजित विशेष कार्यक्रम में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान गुरु-शिष्य संबंध, शिक्षकों के योगदान और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को प्रमुखता से रेखांकित किया गया।
डॉ. राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण और श्रद्धासुमन अर्पित कर की गई। इसके बाद विद्यार्थियों ने शिक्षकों की भूमिका निभाते हुए अपने गुरुजनों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की।
विद्यार्थियों ने कविता-पाठ, वक्तव्य, धन्यवाद भाषण और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से शिक्षकों के अतुलनीय योगदान, समर्पण और निष्ठा को नमन किया। बच्चों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को भावपूर्ण और यादगार बना दिया।
शिक्षक राष्ट्र के निर्माता : पंकज कुमार सिंह
विद्यालय के अध्यक्ष पंकज कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक राष्ट्र के निर्माता होते हैं। शिक्षक केवल किताबी ज्ञान नहीं देते, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन जीने की कला सिखाते हैं और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करते हैं।
वहीं विद्यालय की अध्यक्षा श्रीमती पूनम सिंह ने कहा कि शिक्षक दिवस उन सभी गुरुओं को नमन करने का अवसर है, जिन्होंने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और उन्नति को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। शिक्षकों का समर्पण समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
भावना विचारी ने विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना की
विद्यालय की नवनियुक्त मार्गदर्शक एवं सलाहकार श्रीमती भावना विचारी ने कहा कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने अपने जन्मदिवस को शिक्षकों के लिए समर्पित किया था। उन्होंने कहा कि शिक्षक दिवस केवल शिक्षकों के सम्मान का अवसर नहीं, बल्कि उनके प्रति आभार व्यक्त करने का भी दिन है।
उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत विभिन्न कार्यक्रमों की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए उनके उत्साह, प्रतिभा और शानदार प्रस्तुतिकरण की सराहना की।
शिक्षक भविष्य की पीढ़ी को देते हैं सही दिशा
विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य श्री मनोज कुमार ने कहा कि शिक्षक केवल पुस्तक का ज्ञान नहीं देते, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य का निर्माण करते हैं। शिक्षक अपने ज्ञान, संस्कार और मार्गदर्शन से आने वाली पीढ़ी को सही दिशा प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न मनोरंजक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए गुरु-शिष्य संबंध की गरिमा तथा शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता को खूबसूरती से प्रस्तुत किया।
शिक्षकों को प्रशस्ति-पत्र और उपहार देकर किया सम्मानित
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के सभी शिक्षकगणों को उनके उत्कृष्ट योगदान, समर्पण और सेवाभाव के लिए प्रशस्ति-पत्र एवं उपहार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
विद्यालय परिवार ने राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना करते हुए उनके प्रति आभार और सम्मान व्यक्त किया। शिक्षक दिवस का यह आयोजन विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच सम्मान, स्नेह और आत्मीयता को और मजबूत करने वाला रहा।





