आकर्षक मॉडल, प्रयोग और कार्यशील परियोजनाओं ने खींचा ध्यान, चार वर्गों में प्रतिभागियों का मूल्यांकन
बोकारो | सितंबर 2026
बोकारो के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, 9डी में विज्ञान एवं गणित मेले का आयोजन किया गया। मेले में विद्यार्थियों ने विज्ञान और गणित से जुड़े विभिन्न मॉडल, प्रयोग, कार्यशील परियोजनाएं एवं प्रोजेक्ट प्रस्तुत कर अपनी वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रदर्शनी का उद्घाटन विद्यालय के सचिव गुप्तेश्वर प्रसाद सिंह ने किया।
उद्घाटन के अवसर पर सचिव गुप्तेश्वर प्रसाद सिंह एवं प्रधानाचार्य राजेंद्र कामत ने विद्यार्थियों को गणित और विज्ञान के दैनिक जीवन में उपयोग, वैज्ञानिक दृष्टिकोण तथा नवाचार के महत्व के बारे में मार्गदर्शन दिया।
विज्ञान और गणित को दैनिक जीवन से जोड़ने पर जोर
सचिव गुप्तेश्वर प्रसाद सिंह और प्रधानाचार्य राजेंद्र कामत ने विद्यार्थियों को विज्ञान एवं गणित को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखते हुए दैनिक जीवन से जोड़कर समझने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और नए प्रयोगों के प्रति रुचि विकसित करने पर जोर दिया।
मेले में विद्यार्थियों ने अपने-अपने प्रोजेक्ट की कार्यप्रणाली, उपयोगिता और विशेषताओं के बारे में निर्णायकों एवं उपस्थित लोगों को विस्तार से जानकारी दी। विद्यालय के सचिव और प्रधानाचार्य ने सभी परियोजनाओं का अवलोकन कर विद्यार्थियों की प्रतिभा और मेहनत की सराहना की।
चार वर्गों में आयोजित होती है प्रतियोगिता
प्रधानाचार्य राजेंद्र कामत ने बताया कि विद्या भारती योजना के तहत विज्ञान एवं गणित से संबंधित यह प्रतियोगिता प्रत्येक वर्ष विद्यालय स्तर पर आयोजित की जाती है। प्रतियोगिता में शिशु वर्ग, बाल वर्ग, किशोर वर्ग और तरुण वर्ग के विद्यार्थी भाग लेते हैं।
विद्यालय स्तर पर प्रत्येक विषय में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों का चयन प्रांतीय प्रतियोगिता के लिए किया जाता है। इसके बाद प्रांतीय स्तर पर चयनित विद्यार्थी क्षेत्र स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेते हैं और आगे उनका चयन अखिल भारतीय स्तर के लिए किया जाता है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, जिज्ञासा, रचनात्मकता और समस्या-समाधान की क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
निर्णायकों ने बारीकी से किया प्रोजेक्ट का मूल्यांकन
प्रदर्शनी के लिए गठित 12 सदस्यीय निर्णायक मंडल की चार टोलियों ने विद्यार्थियों के प्रोजेक्ट एवं परियोजना कार्यों का बारीकी से अवलोकन किया। निर्धारित मापदंडों के आधार पर सभी प्रस्तुतियों का मूल्यांकन और मार्किंग की गई।
इसके बाद शिशु, बाल, किशोर एवं तरुण वर्ग में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों का चयन करते हुए प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान निर्धारित किया गया।
विद्यार्थियों की वैज्ञानिक सोच बनी आकर्षण का केंद्र
मेले में विद्यार्थियों की वैज्ञानिक सोच, सृजनात्मकता और उत्साह विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। विभिन्न मॉडलों और कार्यशील परियोजनाओं के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह दिखाने का प्रयास किया कि विज्ञान और गणित का उपयोग रोजमर्रा की जिंदगी में किस तरह किया जा सकता है।
अभिभावकों ने भी इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए बेहतर मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागी भैया-बहनों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं।
बड़ी संख्या में विद्यार्थी और अभिभावक रहे मौजूद
कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता कौशल किशोर राय सहित विद्यालय के सभी आचार्य-दीदी जी, बड़ी संख्या में भैया-बहन तथा उनके अभिभावक बंधु-भगिनी उपस्थित रहे। आयोजन के दौरान विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों के उत्साह और वैज्ञानिक जिज्ञासा का माहौल देखने को मिला।





