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झारखंडबोकारो

बोकारो: सिद्धा खेती से कम लागत में बढ़ेगी पैदावार, महर्षि गज अरविन्द ने किसानों को दिए प्राकृतिक खेती के गुर

ग्राम जाला में किसानों के बीच आयोजित गोष्ठी में विषमुक्त खेती और मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने पर जोर

बोकारो | 14 जून 2026

बोकारो जिले के पिंड्राजोड़ा प्रखंड स्थित ग्राम जाला में किसानों के लिए आयोजित एक विशेष कृषि गोष्ठी में राष्ट्र चिंतक एवं सिद्धा खेती के प्रवर्तक श्रद्धेय महर्षि गज अरविन्द जी ने प्राकृतिक एवं विषमुक्त खेती के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन और मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के प्रभावी उपाय बताए।


सिद्धा खेती से किसानों को मिलेगा लाभ

महर्षि अरविन्द फाउंडेशन, एथनिक साइंस फाउंडेशन एवं पी.डी.एल. इंस्टीट्यूट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। अपने संबोधन में महर्षि गज अरविन्द जी ने कहा कि सिद्धा खेती ऐसी कृषि पद्धति है, जिससे खेत की मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर होती है और किसानों को कम लागत में गुणवत्तापूर्ण एवं विषमुक्त फसल उत्पादन करने का अवसर मिलता है।

उन्होंने बताया कि रासायनिक खेती के बढ़ते दुष्प्रभावों को देखते हुए प्राकृतिक खेती की ओर लौटना समय की आवश्यकता है।

किसानों को मिलेगा निःशुल्क प्रशिक्षण

महर्षि गज अरविन्द जी ने कहा कि यदि स्थानीय किसान चाहें तो महाराष्ट्र के नागपुर स्थित हातूर्णा आश्रम से कृषि वैज्ञानिकों की एक टीम बोकारो आकर तीन दिवसीय निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर सकती है। इस प्रशिक्षण में किसानों को सिद्धा खेती की तकनीक, जैविक पोषण प्रबंधन और मिट्टी संरक्षण की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।


किसानों ने दिखाई प्रशिक्षण में रुचि

गोष्ठी में मौजूद किसानों ने पूरे कार्यक्रम को गंभीरता से सुना और भविष्य में प्रशिक्षण शिविर आयोजित कराने की इच्छा व्यक्त की। किसानों का मानना है कि प्राकृतिक खेती अपनाकर उत्पादन लागत कम करने के साथ-साथ बेहतर गुणवत्ता वाली फसल प्राप्त की जा सकती है।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में दुर्गाचरण जी, सुधीर गोराईं जी, भृगू राम जी सहित कई स्थानीय सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

धनबाद में भी होंगे कार्यक्रम

आयोजकों के अनुसार बोकारो के बाद 14 और 15 जून को धनबाद में भी इसी विषय पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जहां किसानों और कृषि से जुड़े लोगों को सिद्धा खेती की जानकारी दी जाएगी।

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