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बोकारो: ₹15,000 करोड़ के ब्राउनफील्ड विस्तार से बदलेगी बोकारो की तस्वीर, 7.25 मिलियन टन क्षमता वाला बनेगा आधुनिक स्टील हब

सेल के विजन-2030 के तहत बोकारो स्टील प्लांट में होगा ऐतिहासिक विस्तार, रोजगार, तकनीक, उद्योग और क्षेत्रीय विकास को मिलेगी नई रफ्तार।

बोकारो | 08 जुलाई 2026 : बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) जल्द ही अपने इतिहास के सबसे बड़े औद्योगिक विस्तार की ओर बढ़ रहा है। सेल के विजन-2030 के तहत प्रस्तावित ₹15,000 करोड़ की ब्राउनफील्ड विस्तार परियोजना से उत्पादन क्षमता, रोजगार, अत्याधुनिक तकनीक और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। यह परियोजना बोकारो ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड के औद्योगिक भविष्य के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है।

 ब्राउनफील्ड विस्तार से विकास के नए युग में प्रवेश करेगा बोकारो

देश के प्रमुख एकीकृत इस्पात संयंत्रों में शामिल बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) अब विकास के एक नए दौर में प्रवेश करने जा रहा है। सेल (SAIL) के विजन-2030 के अंतर्गत प्रस्तावित ₹15,000 करोड़ की ब्राउनफील्ड विस्तार परियोजना संयंत्र की उत्पादन क्षमता, तकनीकी दक्षता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।

वर्तमान में 4.65 मिलियन टन प्रतिवर्ष कच्चे इस्पात का उत्पादन करने वाला बीएसएल इस परियोजना के बाद अपनी क्षमता बढ़ाकर 7.25 मिलियन टन प्रतिवर्ष करेगा। वहीं हॉट मेटल उत्पादन क्षमता 7.55 मिलियन टन प्रतिवर्ष तक पहुंचाई जाएगी।

 अत्याधुनिक तकनीक से होगा उत्पादन

परियोजना के तहत 4500 घनमीटर क्षमता वाली नई ब्लास्ट फर्नेस, आधुनिक स्टील मेल्ट शॉप, थिन स्लैब कास्टिंग एवं डायरेक्ट रोलिंग (TSCDR) संयंत्र, नई एयर सेपरेशन यूनिट, उन्नत रॉ मटेरियल हैंडलिंग सिस्टम, ऊर्जा पुनर्प्राप्ति प्रणाली तथा इंडस्ट्री 4.0 आधारित डिजिटल ऑटोमेशन एवं डिजिटल ट्विन जैसी आधुनिक तकनीकों को शामिल किया जाएगा। इससे ऑटोमोबाइल ग्रेड, हाई स्ट्रेंथ और उच्च गुणवत्ता वाले फ्लैट स्टील का उत्पादन बढ़ेगा।

रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा लाभ

ब्राउनफील्ड विस्तार मौजूदा भूमि और आधारभूत संरचना का उपयोग करते हुए विकसित किया जाएगा, जिससे अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता न्यूनतम रहेगी। इस परियोजना से निर्माण, इंजीनियरिंग, परिवहन, लॉजिस्टिक्स, लघु एवं मध्यम उद्योग, सेवा क्षेत्र और स्थानीय व्यापार में बड़े पैमाने पर रोजगार एवं आर्थिक अवसर पैदा होंगे।

 पर्यावरण संरक्षण पर भी रहेगा विशेष फोकस

परियोजना में कार्बन उत्सर्जन में कमी, ज़ीरो लिक्विड डिस्चार्ज, ऊर्जा दक्ष तकनीकों और व्यापक ग्रीन बेल्ट विकास को प्राथमिकता दी गई है। बीएसएल का मानना है कि यह विस्तार केवल उत्पादन बढ़ाने की परियोजना नहीं, बल्कि बोकारो और झारखंड के औद्योगिक, आर्थिक और सामाजिक विकास की नई आधारशिला बनेगा।

City Hulchul Official

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