20 सितंबर को हंस मंडप सेक्टर-1 में ‘आत्मनिर्भर बोकारो, सशक्त महिला, समृद्ध परिवार’ कार्यक्रम, पहले चरण में 400 महिलाएं होंगी शामिल
बोकारो | 19 सितंबर 2026
बोकारो: शहर की महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बेहतर झारखंड संस्था ने पहल शुरू की है। संस्था की ओर से 20 सितंबर को सेक्टर-1 स्थित हंस मंडप में ‘आत्मनिर्भर बोकारो, सशक्त महिला, समृद्ध परिवार’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। संस्था ने अगले एक साल में करीब 1000 महिलाओं को स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। कार्यक्रम को लेकर महिलाओं में उत्साह देखा जा रहा है।
1000 महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का लक्ष्य
बेहतर झारखंड संस्था के संस्थापक विवेक सिंह के अनुसार, अगले एक साल में करीब 1000 महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की योजना है। इसके लिए संस्था ने जमीनी स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है।
पिछले एक महीने में करीब 700 महिलाओं से छोटे समूहों में फेस-टू-फेस बातचीत की गई। इस दौरान महिलाओं ने स्वरोजगार को लेकर अपनी जरूरतों, चुनौतियों और रुचियों के बारे में जानकारी साझा की।
महिलाओं की जरूरत के आधार पर तैयार हुई योजना
इन चर्चाओं से मिले सुझावों के आधार पर कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई है। संस्था का कहना है कि महिलाओं को केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रखा जाएगा।
इसके तहत उन्हें कैपिटल इक्विपमेंट, जरूरी प्रशिक्षण और उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में सहयोग देने की योजना है। महिलाओं के उत्पादों को देशभर के ऑनलाइन बाजार से जोड़ने पर भी काम किया जाएगा।
पहले चरण में 400 महिलाओं को जोड़ा जाएगा
इस पहल के पहले चरण में करीब 400 महिलाओं को सीधे जोड़े जाने की योजना है। इसके लिए नॉन-सेक्टर एरिया, चास, बालीडीह और उत्तरी विस्थापित क्षेत्र की महिला समूहों को शामिल किया जा रहा है।
संस्था का उद्देश्य महिलाओं के स्थानीय हुनर को बाजार से जोड़ना है। इससे उन्हें अपने घर या समूह स्तर पर स्वरोजगार शुरू करने में मदद मिल सकती है।
गणेश प्रतिमा से दिखी स्थानीय हुनर की झलक
इस पहल की झलक गणेश चतुर्थी के दौरान भी देखने को मिली। उस समय बोकारो की महिलाओं द्वारा गाय के गोबर से तैयार गणेश प्रतिमाओं की ऑनलाइन बाजार में आपूर्ति की गई।
स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने की यह कोशिश महिलाओं के लिए नए रोजगार अवसर तैयार करने की दिशा में एक पहल के रूप में देखी जा रही है।



