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जामताड़ा में अतिक्रमण हटाओ अभियान पर बवाल, दुकानदारों का धरना प्रदर्शन

जामताड़ा: जिले में चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर प्रशासन और दुकानदारों के बीच विवाद गहराता जा रहा है। जेबीसी प्लस टू विद्यालय से सुभाष चौक तक सड़क किनारे की अस्थायी दुकानें और ठेले हटाए जाने के बाद गरीब दुकानदारों में आक्रोश फूट पड़ा। दुकानदारों का कहना है कि प्रशासन ने बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए उनकी रोज़ी-रोटी छीन ली है, जिससे परिवार भुखमरी के कगार पर पहुँच गए हैं।

धरना और विरोध प्रदर्शन

प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में बड़ी संख्या में दुकानदार एसडीओ कार्यालय के समक्ष धरना स्थल पर जमा हुए और जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे वर्षों से ठेला और छोटी दुकान लगाकर परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे।
पूर्व मुखिया गुल मोहम्मद ने आरोप लगाया कि बिना विकल्प दिए रोजगार छीनना गरीबों के साथ अन्याय है। वहीं दुकानदार माणिक राउत ने वैकल्पिक जगह उपलब्ध कराने या नुकसान की भरपाई की मांग की और चेतावनी दी कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन तेज होगा।

झामुमो नगर अध्यक्ष पर गंभीर आरोप

प्रदर्शनकारियों ने झामुमो नगर अध्यक्ष किशोर रवानी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनसे हर महीने ₹1000 की वसूली की जाती थी और पैसा नहीं देने पर बुलडोज़र चलवाने की धमकी दी जाती थी। दुकानदारों का आरोप है कि इसी दबाव में प्रशासन ने कार्रवाई की और उपायुक्त ने केवल नगर अध्यक्ष के आवेदन पर आदेश जारी कर दिया, बिना स्थिति की जाँच किए।

प्रशासन से वैकल्पिक व्यवस्था की मांग

फुटपाथ दुकानदारों का कहना है कि अतिक्रमण हटाना समाधान नहीं है। यदि व्यवस्था बनानी है तो प्रशासन पहले वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराए। आंदोलन में सैकड़ों दुकानदार शामिल हुए, जिनमें सुभाष पंडित, सुनील चौबे, महादेव धीवर, नवल राउत समेत कई लोग मौजूद थे।

अब देखना यह होगा कि प्रशासन गरीब दुकानदारों की पीड़ा को समझते हुए आगे क्या कदम उठाता है।

City Hulchul Official

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