झारखंडधनबाद

ईसीआरकेयू को हाजीपुर जोन में मिला यूनियन कार्यालय, रेलवे बोर्ड के निर्देश से खुला रास्ता

🚆 हाजीपुर जोन में ईसीआरकेयू को यूनियन कार्यालय की मान्यता, रेलवे बोर्ड के आदेश से खुला रास्ता

धनबाद/हाजीपुर: रेलवे में यूनियन की मान्यता को लेकर हाजीपुर जोन में दिसंबर 2024 में हुए चुनावों के परिणामस्वरूप ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन (ईसीआरकेयू – बरगद छाप) को मान्यता प्राप्त हुई। चुनाव के दौरान कोई भी यूनियन 35% मत नहीं प्राप्त कर सकी, ऐसे में सर्वाधिक मत प्राप्त करने वाली यूनियन को रेलवे की सेक्शन 5.5 के अंतर्गत मान्यता दी गई।

मान्यता प्राप्त होते ही ईसीआरकेयू ने संगठनात्मक कार्यों के संचालन के लिए कार्यालय की मांग की। इससे पहले ईसीआरकेयू के पास विभिन्न ज़ोनल, मंडलीय एवं शाखा कार्यालय थे, जिन्हें खाली करवाया गया। लेकिन कार्यालय आवंटन को लेकर कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं होने से संगठन ने सहयोगात्मक रवैया अपनाते हुए प्रशासन को कार्यालय सौंप दिया।

🗣️ रेलवे बोर्ड के स्तर पर उठी मांग

ईसीआरकेयू के अपर महामंत्री एवं एआईआरएफ वर्किंग कमिटी के सदस्य मो. ज़्याऊद्दीन ने बताया कि कई जोनों की यूनियनों ने एआईआरएफ महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा से रेलवे बोर्ड से स्थिति स्पष्ट कराने का आग्रह किया था। इस पर मिश्रा ने पटना में ईसीआरकेयू महामंत्री एस.एन.पी. श्रीवास्तव से मुलाकात की और हाजीपुर जोन की वस्तुस्थिति से अवगत कराया।

इसके पश्चात मिश्रा ने रेलवे बोर्ड में मांग रखी कि जहां भी एआईआरएफ से संबद्ध यूनियन मान्यता नहीं प्राप्त कर सकी है, उन्हें संगठनात्मक कार्यों हेतु कार्यालय उपलब्ध कराया जाए। इस मांग को रेलवे बोर्ड ने गंभीरता से लेते हुए स्वीकृति प्रदान की।

📜 रेलवे बोर्ड का दिशा-निर्देश

रेलवे बोर्ड की प्रधान कार्यकारी निदेशक (औद्योगिक संबंध) श्रीमती रेणु शर्मा ने सभी महाप्रबंधकों को पत्र जारी कर निर्देश दिया कि एआईआरएफ से संबद्ध यूनियनों को जोनल एवं मंडल स्तर पर यूनियन कार्यालय उपलब्ध कराए जाएं। इससे हाजीपुर जोन में ईसीआरकेयू को पुनः कार्यालय मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

संगठन के प्रयास लाए रंग

एआईआरएफ के जोनल सचिव ओ.पी. शर्मा ने बताया कि यह उपलब्धि महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा एवं ईसीआरकेयू के नेतृत्वकर्ता एस एन पी श्रीवास्तव की सतत पहल का परिणाम है। इसके साथ ही हाजीपुर जोन के सभी मंडलों में ईसीआरकेयू के शाखा कार्यालय पूर्ववत् कार्यरत रहेंगे।

धनबाद मंडल से जुड़े ईसीआरकेयू नेताओं नेताजी सुभाष, जितेंद्र कुमार साव, एन.के. खवास, बी.के. साव, आई.एम. सिंह समेत कई पदाधिकारियों एवं युवा तथा महिला समिति के सदस्यों ने इसे ऐतिहासिक सफलता बताते हुए यूनियन को और मजबूत करने का संकल्प लिया।


निष्कर्ष:
रेलवे में यूनियन अधिकारों को लेकर जो अनिश्चितता बनी हुई थी, वह रेलवे बोर्ड के स्पष्ट निर्देश से समाप्त हुई। ईसीआरकेयू को कार्यालय आवंटन से न केवल संगठनात्मक स्थायित्व मिलेगा, बल्कि कर्मचारियों से बेहतर संवाद और सेवा की राह भी सशक्त होगी।

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