City Hulchul News
हर जरूरी खबर की जानकारी सबसे पहले पाएं
🔔
News Notifications नई खबर की सूचना सीधे पाएं
✓
WhatsApp Channel सीधे मोबाइल पर खबरें पाएं
›
▶
YouTube News Videos & Live Updates
›
f
Facebook Latest News & Updates
›
झारखंडबोकारो

बोकारो की सलमा प्रवीन की प्रेरक कहानी: दो सिलाई मशीनों से शुरू किया कारोबार, आज ₹10 लाख तक सालाना टर्नओवर, पांच महिलाओं को रोजगार

नावाडीह के सुरही गांव की सलमा ने मेहनत से बनाई पहचान, बेरमो-फुसरो से धनबाद और चास-बोकारो तक पहुंचा कारोबार; डीसी अजय नाथ झा ने बताया महिला आत्मनिर्भरता की मिसाल

बोकारो/नावाडीह | 12 अक्टूबर 2026 | सिटी हलचल न्यूज

कभी घर में मौजूद दो सिलाई मशीनों से शुरू हुआ छोटा-सा कारोबार आज लाखों रुपये के व्यवसाय में बदल चुका है। यह कहानी है बोकारो जिले के नावाडीह प्रखंड अंतर्गत सुरही गांव की सलमा प्रवीन की, जिन्होंने अपने हुनर, मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर न सिर्फ परिवार को आर्थिक मजबूती दी, बल्कि पांच अन्य महिलाओं को भी रोजगार उपलब्ध कराया।

आज उनके सलमा सिलाई सेंटर का वार्षिक व्यावसायिक टर्नओवर लगभग ₹8 से ₹10 लाख तक पहुंच गया है। ग्रामीण क्षेत्र से शुरू हुआ उनका कारोबार अब कई शहरों के बाजारों में अपनी पहचान बना चुका है।

23 जुलाई 2022 को दो मशीनों से की शुरुआत

सलमा प्रवीन ने 23 जुलाई 2022 को अपने पति की दो सिलाई मशीनों से काम शुरू किया था। शुरुआत में संसाधन सीमित थे, लेकिन सिलाई के हुनर और लगातार मेहनत के सहारे उन्होंने धीरे-धीरे व्यवसाय का विस्तार किया।

आज सलमा सिलाई सेंटर में मुख्य रूप से थोक स्तर पर महिलाओं के परिधानों की सिलाई की जाती है।

उनके उद्यम का मासिक व्यावसायिक टर्नओवर लगभग ₹70 हजार से ₹75 हजार तक पहुंच गया है।

बेरमो से धनबाद तक पहुंचा सलमा का कारोबार

सलमा सिलाई सेंटर में तैयार कपड़ों ने स्थानीय बाजार से बाहर भी पहचान बनाई है।

उनके कारोबार का विस्तार बेरमो-फुसरो, ईसरी-डुमरी, गोमो-धनबाद और चास-बोकारो तक हुआ है।

व्यवसाय बढ़ने के साथ उन्होंने पांच महिला कारीगरों को भी रोजगार दिया है। इससे इन महिलाओं को अपनी आजीविका मजबूत करने का अवसर मिला है।

सखी मंडल से जुड़कर बढ़ाया स्वरोजगार

सलमा प्रवीन झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) के तहत चांद आजीविका सखी मंडल से जुड़ी हुई हैं।

इसके अलावा वह राम रहीम आजीविका महिला ग्राम संगठन और नावाडीह आजीविका महिला संकुल संगठन से भी संबद्ध हैं।

सखी मंडल से जुड़ाव और स्वरोजगार के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने उन्हें आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ सामाजिक पहचान भी दिलाई है।

डीसी अजय नाथ झा ने सराहा सलमा का प्रयास

बोकारो के उपायुक्त अजय नाथ झा ने सलमा प्रवीन की उपलब्धि को ग्रामीण महिला सशक्तीकरण का प्रेरक उदाहरण बताया।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना जिले के विकास की महत्वपूर्ण कड़ी है।

उपायुक्त ने कहा कि सलमा ने सीमित संसाधनों में अपने हुनर और मेहनत से सफलता हासिल कर पांच अन्य महिलाओं को रोजगार दिया है। उनकी सफलता सखी मंडल से जुड़ी दूसरी महिलाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत है।

ग्रामीण महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा

सलमा प्रवीन की कहानी बताती है कि छोटे स्तर पर शुरू किया गया काम भी मेहनत और निरंतर प्रयास से एक मजबूत व्यवसाय बन सकता है।

आज सलमा न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार के जरिए आत्मनिर्भर बनने की राह दिखा रही हैं।

कारोबार की एक नजर में पूरी कहानी

शुरुआत

2 मशीनें

23 जुलाई 2022

महिलाओं को रोजगार

5

महिला कारीगर

मासिक टर्नओवर

₹70–75 हजार

वार्षिक टर्नओवर

₹8–10 लाख

बाजार: बेरमो-फुसरो, ईसरी-डुमरी, गोमो-धनबाद, चास-बोकारोये व्यावसायिक टर्नओवर के आंकड़े हैं, शुद्ध लाभ या व्यक्तिगत आय के नहीं।

City Hulchul Official

City Hulchul News की टीम बोकारो, झारखंड और देश-दुनिया से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को निष्पक्ष और विश्वसनीय तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए लगातार काम करती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!