बोकारो में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त, ब्लैक स्पॉट और अवैध पार्किंग पर होगी कार्रवाई
बोकारो में सड़क हादसों को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने कई अहम निर्देश दिए हैं। ब्लैक स्पॉट पर सुधार, अवैध पार्किंग पर कार्रवाई, स्कूल बस चालकों का पुलिस वेरिफिकेशन और नशे में ड्राइविंग की जांच होगी। दुर्घटना में घायलों की मदद के लिए 1033 हेल्पलाइन का भी व्यापक प्रचार किया जाएगा।
बोकारो, 26 सितंबर 2026: जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। समाहरणालय में शुक्रवार को जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त अजय नाथ झा ने की।
बैठक में ब्लैक स्पॉट, अवैध पार्किंग, सड़क किनारे खड़े वाहनों और यातायात नियमों के उल्लंघन की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने कहा कि सड़क सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ब्लैक स्पॉट पर तत्काल सुधार के निर्देश
उपायुक्त ने दुर्घटना संभावित स्थानों का स्थलीय निरीक्षण करने को कहा। इन स्थानों पर सड़क की स्थिति, ट्रैफिक व्यवस्था और अन्य जोखिमों की जांच होगी।
पिंड्राजोरा-जोधाडीह सड़क को विशेष रूप से संवेदनशील बताया गया। यहां अवैध पार्किंग के खिलाफ नियमित अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। सिवनडीह-बालीडीह और दातू-रामगढ़ सीमा मार्ग पर भी विशेष निगरानी रखने को कहा गया।

अवैध पार्किंग पर होगी कार्रवाई
एनएचएआई और संबंधित थाना प्रभारियों को सड़क किनारे खड़े वाहनों के खिलाफ अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। ढाबों और अन्य प्रतिष्ठानों के पास सड़क पर वाहन खड़े मिलने पर संचालकों को नोटिस दिया जाएगा।
नियमों का उल्लंघन करने वालों से नियमानुसार जुर्माना भी वसूला जाएगा। खराब वाहनों को भी सड़क से तत्काल हटाने की व्यवस्था करने को कहा गया है।
आईटीआई मोड़ पर बैरिकेडिंग और साइनेज
आईटीआई मोड़ के पास सड़क किनारे कचरा फेंकने की समस्या पर भी बैठक में चर्चा हुई। उपायुक्त ने नगर निगम को वहां बैरिकेडिंग कराने का निर्देश दिया।
साथ ही, ‘कचरा फेंकना मना है’ का सूचना बोर्ड लगाने को कहा गया। क्षतिग्रस्त रोड बैरियर की मरम्मत और उसकी दृश्यता बढ़ाने के लिए रंगाई एवं साइनेज लगाने का निर्देश भी दिया गया।
जोधाडीह मोड़ से आईटीआई मोड़ के बीच लंबे समय से खड़े चार वाहनों को हटाने को भी कहा गया।
स्कूल बस चालकों का होगा पुलिस वेरिफिकेशन
बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। जिले में चलने वाली स्कूल बसों के चालकों और खलासियों का पुलिस वेरिफिकेशन कराया जाएगा।
उपायुक्त ने कहा कि बच्चों के सुरक्षित परिवहन में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। स्कूल प्रबंधन और संबंधित विभागों को नियमों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

नशे में वाहन चलाने वालों की होगी जांच
पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीणा ने सभी थाना प्रभारियों को सघन वाहन जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया। नशे में वाहन चलाने वालों की ब्रेथ एनालाइजर से जांच की जाएगी।
यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई होगी। पुलिस को वाहन जांच अभियान में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतने को कहा गया है।
पुलिस जवानों को मिलेगा प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण
सड़क हादसों में घायलों को तत्काल मदद देने के लिए पुलिस जवानों को प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद जवानों को प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा।
सभी थानों और संबंधित वाहनों में फर्स्ट एड बॉक्स की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन का मानना है कि हादसे के बाद शुरुआती समय में मिलने वाली मदद घायल के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है।
दुर्घटना में मदद के लिए 1033 हेल्पलाइन का प्रचार
उपायुक्त ने सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग हेल्पलाइन 1033 का व्यापक प्रचार करने को कहा।
टोल प्लाजा, राष्ट्रीय राजमार्गों के आसपास और अन्य प्रमुख स्थानों पर हेल्पलाइन नंबर की जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। इसका उद्देश्य हादसे के बाद लोगों तक जल्द सहायता पहुंचाना है।
गुड सेमेरिटन अनिल अग्रवाल सम्मानित
सड़क दुर्घटना में घायल लोगों की मदद करने वाले गुड सेमेरिटन अनिल अग्रवाल को उपायुक्त अजय नाथ झा ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
उपायुक्त ने कहा कि दुर्घटना के समय घायल व्यक्ति की मदद करना सामाजिक जिम्मेदारी है। ऐसे लोगों को सम्मान मिलने से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है।

10 से 15 दिनों में हो सकती है समीक्षा
उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को तय समय सीमा में कार्रवाई पूरी करने का निर्देश दिया। जरूरत पड़ने पर 10 से 15 दिनों के भीतर विशेष समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी।
सभी विभागों को अपनी कार्रवाई की अनुपालन रिपोर्ट भी नियमित रूप से उपलब्ध कराने को कहा गया है।
बैठक में जिला परिवहन पदाधिकारी मारुति मिंज, चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार, एपीआरओ अविनाश कुमार सिंह, सिविल डिफेंस प्रशिक्षक डॉ. एसपी वर्मा, सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य, रोड सेफ्टी टीम के सदस्य और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी थाना प्रभारी शामिल हुए।






