झारखंड इन्क्यूबेटर कार्यक्रम की शुरुआत, महिला उद्यमियों को मिलेगा वित्तीय और तकनीकी सहयोग
बोकारो | 25 सितंबर 2026
महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने की पहल
बोकारो में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए झारखंड इन्क्यूबेटर कार्यक्रम की शुरुआत हुई। शुक्रवार को सेक्टर-1 स्थित स्टर्लिंग सिटी सेंटर के सभागार में लॉन्च कार्यक्रम-सह-वर्कशॉप आयोजित की गई।
कार्यक्रम का उद्देश्य महिला उद्यमियों को आगे बढ़ाना है। इसके साथ ही उनके कारोबार का विस्तार और रोजगार सृजन भी इसका प्रमुख लक्ष्य है।
वर्कशॉप में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं और संबंधित अधिकारियों ने हिस्सा लिया। उन्हें कार्यक्रम की सुविधाओं और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा कि स्वयं सहायता समूह महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इन्क्यूबेटर कार्यक्रम महिलाओं को कारोबार बढ़ाने का अवसर देगा। इससे रोजगार के नए अवसर भी तैयार हो सकते हैं।
उपायुक्त ने महिलाओं से अपने उद्यम को व्यवस्थित तरीके से चलाने की अपील की। उन्होंने व्यवसाय में निवेश और आय बढ़ाने की सोच विकसित करने पर जोर दिया।
बाजार की मांग के अनुसार शुरू करें कारोबार
उपायुक्त ने महिलाओं से पारंपरिक छोटे कारोबार तक सीमित नहीं रहने की अपील की। उन्होंने बाजार की जरूरत को समझकर नए व्यवसाय शुरू करने का सुझाव दिया।
उन्होंने खास तौर पर मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में संभावनाएं तलाशने पर जोर दिया।
उपायुक्त ने कहा कि ऐसे कारोबार को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, जिनकी बाजार में मांग हो। साथ ही, जिनका भविष्य में विस्तार किया जा सके।
जिला प्रशासन ने बोकारो से कम से कम 200 गुणवत्तापूर्ण आवेदन तैयार करने का लक्ष्य रखा है।
उद्यमियों को मिलेगा वित्तीय और तकनीकी सहयोग
उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार ने बताया कि कार्यक्रम का फोकस महिला नेतृत्व और महिला स्वामित्व वाले उद्यमों को बढ़ावा देना है।
उन्होंने कहा कि इससे रोजगार के अवसर बढ़ाने और पलायन कम करने में भी मदद मिल सकती है।
कार्यक्रम के तहत मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर के उद्यमों को अनुदान, ब्याजमुक्त सॉफ्ट लोन और मेंटरिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
उन्होंने अधिकारियों से अधिक से अधिक गुणवत्तापूर्ण आवेदन सुनिश्चित करने को कहा। चयनित उद्यमों को दूसरे लोगों के लिए मॉडल बनाने पर भी जोर दिया गया।
SHG से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रहीं महिलाएं
जिला परिषद अध्यक्ष सुनीता देवी ने कहा कि जेएसएलपीएस के माध्यम से ग्रामीण महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ रही हैं।
इन समूहों के जरिए महिलाएं छोटे कारोबार चला रही हैं। इससे उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में मदद मिल रही है।
उन्होंने महिला आर्थिक सशक्तीकरण के लिए इस पहल को महत्वपूर्ण बताया।
महिलाओं को दी गई उद्यम शुरू करने की जानकारी
वर्कशॉप में महिलाओं को नए उद्यम शुरू करने की प्रक्रिया समझाई गई। उन्हें बाजार की मांग और कारोबार विस्तार के बारे में भी जानकारी दी गई।
इसके अलावा वित्तीय और तकनीकी सहायता के उपलब्ध विकल्प बताए गए। प्रतिभागियों से अधिक से अधिक गुणवत्तापूर्ण आवेदन करने की अपील की गई।
कार्यक्रम में प्रशिक्षु आईएएस अरविंद राधाकृष्णन, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह, जेएसएलपीएस के अधिकारी, आईआईएम कलकत्ता के प्रतिनिधि और स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं मौजूद रहीं।



