जामताड़ाझारखंड

नारोडीह को मिली डिग्री कॉलेज की सौगात, डॉ. इरफान अंसारी ने किया शिलान्यास

उच्च शिक्षा को नई दिशा: नारोडीह में डिग्री कॉलेज की आधारशिला रखी गई

जामताड़ा : जामताड़ा जिले के नारायणपुर प्रखंड अंतर्गत नारोडीह गांव में शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक क्षण दर्ज हुआ, जब झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने डिग्री महाविद्यालय का शिलान्यास किया। यह कॉलेज न केवल नारायणपुर, बल्कि आस-पास के सैकड़ों गांवों के युवाओं के लिए एक नई उम्मीद बनकर आया है।

डॉ. अंसारी ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा, “यह कॉलेज हमारे बेटों और बेटियों को उच्च शिक्षा की दिशा में एक मजबूत आधार देगा। अब उन्हें बाहर नहीं जाना पड़ेगा। यही मेरा सपना था और आज वह साकार हुआ है।”

स्थानीय निवासियों की वर्षों पुरानी मांग आज पूरी हुई। नारोडीह में डिग्री कॉलेज की स्थापना केवल एक संरचना नहीं, बल्कि शिक्षा के उजाले की ओर एक ठोस कदम है। ग्रामीणों, अभिभावकों और छात्रों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।


समावेशी शिक्षा का वादा, मॉडल कॉलेज के रूप में होगा विकास

डॉ. अंसारी ने कहा कि यह संस्थान एक मॉडल कॉलेज के रूप में विकसित होगा, जहां गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा दी जाएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का विशेष आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से यह सपना साकार हो सका।

उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “जब देश के अन्य हिस्से आगे बढ़ रहे थे, तब हमारे आदिवासी क्षेत्रों की अनदेखी हो रही थी। अब वह दौर बीत चुका है। शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं को लेकर हमारी सरकार प्रतिबद्ध है।”


बगरूडीह के बाद नारोडीह – विकास की रफ्तार जारी

कुछ ही महीनों पहले डॉ. अंसारी ने बगरूडीह में महिला डिग्री कॉलेज की नींव रखी थी। अब नारोडीह में यह दूसरी बड़ी पहल बताती है कि जामताड़ा में शिक्षा को लेकर योजनाबद्ध विकास हो रहा है।

हजारों की भीड़, जश्न का माहौल और जनसहभागिता ने यह साबित किया कि इस कॉलेज की आवश्यकता कितनी महत्वपूर्ण थी। क्षेत्रीय लोगों ने इसे “शिक्षा के नए युग की शुरुआत” बताया।


निष्कर्ष:
नारोडीह में डिग्री कॉलेज की स्थापना से न केवल स्थानीय छात्रों को उच्च शिक्षा का लाभ मिलेगा, बल्कि यह पूरे क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को भी गति देगा। जब नेतृत्व दूरदर्शी और जनमानस से जुड़ा हो, तब बदलाव निश्चित होता है — और नारोडीह इसका जीवंत उदाहरण बन गया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!