शिबू सोरेन स्मृति भवन में सम्मान समारोह, डीसी-एसपी ने काउंटरों पर पहुंचकर आंदोलनकारियों को बांटे मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र
बोकारो | 5 सितंबर 2026
झारखंड राज्य के निर्माण के लिए लंबे संघर्ष और आंदोलन में योगदान देने वाले आंदोलनकारियों के सम्मान में शनिवार को बोकारो के शिबू सोरेन स्मृति भवन सभागार (टाउन हॉल) में झारखंड आंदोलनकारी सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में उपायुक्त अजय नाथ झा और पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीणा शामिल हुए।
डीसी और एसपी ने समारोह स्थल पर बनाए गए विभिन्न काउंटरों का भ्रमण किया और आंदोलनकारियों को स्वयं मोमेंटो एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस दौरान बड़ी संख्या में झारखंड आंदोलनकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, प्रशिक्षु आईएएस अरविंद राधाकृष्णन सहित अन्य पदाधिकारी-कर्मी भी उपस्थित रहे।

“यह सम्मान नहीं, संघर्ष, त्याग और संकल्प को नमन है”
अपने संबोधन में उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा कि झारखंड का गठन 15 नवंबर 2000 को लंबे संघर्ष के बाद हुआ। उन्होंने कहा कि झारखंड आंदोलन केवल अलग राज्य की मांग तक सीमित नहीं था, बल्कि यह झारखंड की पहचान, अधिकार, सम्मान और विकास के लिए किया गया लंबा संघर्ष था।
डीसी ने कहा कि जिन आंदोलनकारियों के संघर्ष और त्याग से झारखंड का सपना साकार हुआ, उनका सम्मान करना सभी के लिए गौरव की बात है। राज्य सरकार द्वारा झारखंड आंदोलन में योगदान देने वाले आंदोलनकारियों को चिह्नित कर सम्मानित करने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने बताया कि समय-समय पर आंदोलनकारियों की ओर से सूची और प्रमाण-पत्र से संबंधित समस्याएं जिला प्रशासन के समक्ष ‘हम आपको सुनते हैं…’ (लोक संवाद) सहित विभिन्न माध्यमों से रखी गईं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने शिक्षक दिवस के अवसर पर पात्र आंदोलनकारियों को सम्मानित करने और प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने का निर्णय लिया।

सम्मान-पत्र सिर्फ दस्तावेज नहीं, कृतज्ञता का प्रतीक
उपायुक्त ने कहा कि आज का आयोजन केवल एक सम्मान समारोह नहीं है, बल्कि उन संघर्षशील लोगों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है, जिन्होंने झारखंड के निर्माण के लिए अपना जीवन, समय और संघर्ष समर्पित किया।
उन्होंने कहा कि सम्मान-पत्र महज एक दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह झारखंड सरकार और समस्त झारखंडवासियों की ओर से आंदोलनकारियों के संघर्ष, त्याग और योगदान के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है।
आंदोलनकारियों के आग्रह पर सहभोज की भी व्यवस्था
सम्मान समारोह में अपनत्व और आत्मीयता का भाव भी देखने को मिला। उपायुक्त ने बताया कि आंदोलनकारियों के आग्रह पर समारोह स्थल पर खिचड़ी-चोखा के सहभोज की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य सभी आंदोलनकारियों के साथ आत्मीयता और अपनत्व के साथ इस ऐतिहासिक अवसर को साझा करना है।
अलग-अलग काउंटर से सुव्यवस्थित हुआ प्रमाण-पत्र वितरण
आंदोलनकारियों की सुविधा के लिए समारोह स्थल पर अलग-अलग काउंटर बनाए गए थे। उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन और संबंधित पदाधिकारी-कर्मी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटे हैं।
काउंटर व्यवस्था का उद्देश्य प्रमाण-पत्र वितरण की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और सुचारु बनाना था, ताकि आंदोलनकारियों को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।
अंत में उपायुक्त अजय नाथ झा ने सभी झारखंड आंदोलनकारियों के प्रति जिला प्रशासन और बोकारोवासियों की ओर से हार्दिक आभार और सम्मान व्यक्त किया।






