संयुक्त संघर्ष समिति ने डाटा मैनेजर, लेखपाल और एनसीडी कर्मचारी के स्थानांतरण की मांग उठाई, जांच के बाद आंदोलन की चेतावनी
बोकारो | 16 सितंबर 2026
बोकारो सिविल सर्जन कार्यालय में लंबे समय से एक ही जगह पदस्थापित तीन कर्मचारियों के तबादले को लेकर विवाद गहराता जा रहा है।
संयुक्त संघर्ष समिति ने आरोप लगाया है कि डाटा मैनेजर कंचन कुमारी, लेखपाल अमित सिन्हा और एनसीडी के मुकेश कुमार पिछले करीब 10 से 18 वर्षों से एक ही स्थान पर कार्यरत हैं।
समिति ने इनके तबादले की मांग को लेकर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। इस मामले को लेकर जिला प्रशासन की ओर से जांच की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
धरने के ऐलान के बाद शुरू हुई जांच
संयुक्त संघर्ष समिति ने कर्मचारियों के तबादले की मांग को लेकर 31 जुलाई को धरना देने का ऐलान किया था। इसके बाद जिला प्रशासन ने समिति से वार्ता की और तीनों कर्मचारियों से जुड़े आरोपों की जांच के आदेश दिए।
समिति के सदस्यों से डीडीसी शताब्दी मजूमदार ने पूछताछ की। इससे पहले भी संयुक्त संघर्ष समिति स्वास्थ्य विभाग से जुड़े मामलों को लेकर जिला प्रशासन के समक्ष अपनी शिकायतें रख चुकी है।
समिति ने पूछा- वर्षों से एक ही जगह क्यों?
समिति का सवाल है कि जब प्रशासनिक स्तर पर सामान्य तौर पर अधिकारियों के स्थानांतरण की अवधि निर्धारित रहती है, तो इन कर्मचारियों को वर्षों से एक ही कार्यालय में क्यों पदस्थापित रखा गया है।
समिति ने इनके कार्यकाल के दौरान स्वास्थ्य विभाग में खरीदारी से जुड़ी कथित अनियमितताओं का भी आरोप लगाया है। समिति का दावा है कि कुछ वस्तुओं की खरीद में कीमत बढ़ाकर भुगतान किए जाने जैसी शिकायतें सामने आई थीं।
इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच के निष्कर्ष के बाद ही होगी।
पिछले वर्ष की जांच का भी दिया हवाला
समिति के राहुल कुमार ने दावा किया कि पिछले वर्ष निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं, झारखंड सरकार के अध्यक्ष डॉ. शशि प्रकाश शर्मा के नेतृत्व में जांच हुई थी। समिति के अनुसार, उस जांच में कार्यहित में तबादले की आवश्यकता बताई गई थी।
हालांकि, इस दावे के संबंध में उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों में जांच रिपोर्ट का पूरा विवरण स्वतंत्र रूप से उपलब्ध नहीं मिला है।
जल्द तबादला नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
संयुक्त संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि तीनों कर्मचारियों का जल्द तबादला नहीं किया गया तो जोरदार आंदोलन किया जाएगा।
मामले में समिति की ओर से लगाए गए आरोपों पर संबंधित कर्मचारियों या स्वास्थ्य विभाग का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।
मौके पर पार्षद गायत्री देवी, राहुल कुमार समेत अन्य लोग मौजूद रहे।






