विभागाध्यक्षों और हिंदी अधिकारियों की बैठक में कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रभावी इस्तेमाल और कर्मचारियों की भागीदारी बढ़ाने पर चर्चा
बोकारो | 15 सितंबर 2026
बोकारो इस्पात संयंत्र में राजभाषा हिंदी के प्रभावी कार्यान्वयन और राजभाषा पखवाड़ा के सफल आयोजन को लेकर मंगलवार को बैठक आयोजित की गई। संपर्क एवं प्रशासन विभाग के राजभाषा अनुभाग की ओर से अधिशासी निदेशक (संकार्य) के सेमिनार हॉल में आयोजित बैठक में हिंदी अधिकारियों और विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों ने हिस्सा लिया।
बैठक में अधिशासी निदेशक (मानव संसाधन) राजश्री बनर्जी और अधिशासी निदेशक (संकार्य) अनूप कुमार दत्त प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। विभिन्न विभागों के मुख्य महाप्रबंधक समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।
राजभाषा पखवाड़ा के कार्यक्रमों की दी गई जानकारी
बैठक की शुरुआत में महाप्रबंधक (संपर्क एवं प्रशासन) ए. के. सिंह ने सभी अधिकारियों का स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने राजभाषा पखवाड़ा के तहत आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी साझा की।
इसके पश्चात राष्ट्रीय हिंदी दिवस के अवसर पर भारत सरकार के केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, केंद्रीय इस्पात मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी और इस्पात राज्य मंत्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा के संदेशों का वाचन किया गया।
संदेशों के माध्यम से कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग और राजभाषा हिंदी के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रेरित किया गया।
14 से 28 सितंबर तक आयोजित हो रहा राजभाषा पखवाड़ा
बोकारो इस्पात संयंत्र में 14 से 28 सितंबर 2026 तक राजभाषा पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान संयंत्र के अधिशासियों एवं अनधिशासियों के बीच हिंदी के प्रति रुचि और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न हिंदी प्रतियोगिताओं एवं कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय की राजभाषा व्यवस्था में भी हिंदी दिवस और राजभाषा संबंधी गतिविधियों को विशेष महत्व दिया जाता है।
अधिक से अधिक कर्मचारियों की भागीदारी पर जोर
बैठक में राजभाषा पखवाड़ा के तहत आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी, व्यापक और सहभागी बनाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
सभी विभागाध्यक्षों और हिंदी अधिकारियों से अपने-अपने विभागों से अधिकाधिक कर्मचारियों की सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया। साथ ही बीएसएल में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को और व्यापक एवं प्रभावी बनाने तथा हिंदी को कार्यालयीन कार्य-संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग को मिले गति
बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि हिंदी का प्रयोग केवल प्रतियोगिताओं और विशेष आयोजनों तक सीमित न रहे, बल्कि दैनिक कार्यालयीन कार्यों में भी इसका प्रभावी इस्तेमाल बढ़े।
सामूहिक प्रयासों के माध्यम से राजभाषा हिंदी को कार्य-संस्कृति का हिस्सा बनाने और कर्मचारियों में हिंदी के प्रति रुचि एवं जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।






