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शीला देवी को नहीं मिला मृतक पति का बीमा क्लेम, एलआईसी पर फर्जी भुगतान का गंभीर आरोप

शीला देवी को नहीं मिला मृतक पति का बीमा क्लेम, एलआईसी पर फर्जी भुगतान का गंभीर आरोप

बेरमो : गिरिडीह निवासी शीला देवी, जिनके पति स्वर्गीय दिलीप कुमार CCL की बीएंडके कारो परियोजना में कार्यरत थे, वर्षों से इंसाफ के लिए भटक रही हैं। दिलीप कुमार का 14 सितंबर 2015 को निधन हो गया था। उन्होंने बेरमो एलआईसी शाखा में जीवन बीमा करवाया था, लेकिन उनकी मृत्यु के बाद बीमा राशि उनकी असली पत्नी शीला देवी को न देकर किसी फर्जी महिला को उनकी पत्नी बताकर ₹6,80,000 का भुगतान कर दिया गया।

शीला देवी का आरोप है कि बेरमो एलआईसी शाखा प्रबंधन, अभिकर्ता और विकास पदाधिकारी की मिलीभगत से यह गड़बड़ी हुई। जब वह डेथ क्लेम की जानकारी लेने शाखा पहुँचीं, तो उनसे कोर्ट से सक्सेशन सर्टिफिकेट लाने को कहा गया। इसी बीच, किसी और महिला को उनकी पहचान बताकर बीमा राशि निकाल ली गई।

शीला देवी की लड़ाई और सवाल

  • कोर्ट से जारी सक्सेशन सर्टिफिकेट के बावजूद राशि किसी और को कैसे दी गई?

  • जब मृतक का फुसरो स्टेट बैंक में जॉइंट खाता था, तो गिरिडीह यूको बैंक में नया खाता क्यों खोला गया?

  • सरकारी संस्थानों में अगर ऐसा ही रवैया रहा तो आम लोगों का भरोसा कैसे बचेगा?

कानूनी कदम

शीला देवी ने बेरमो थाना में एलआईसी प्रबंधन के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। उन्होंने कहा कि जो लोग इस धोखाधड़ी में शामिल हैं—उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। शीला देवी ने यह भी कहा कि यदि न्याय नहीं मिला तो वह उच्च न्यायालय तक जाएंगी।


निष्कर्ष:
यह मामला सिर्फ एक महिला की लड़ाई नहीं, बल्कि सरकारी संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़ा करता है। देखना होगा कि शीला देवी को उनका हक मिलेगा या वे ऐसे ही दर-दर भटकती रहेंगी।

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