कहानी के जरिए बच्चों में रचनात्मकता, कल्पनाशक्ति और संचार कौशल विकसित करने पर जोर
बोकारो: डीएवी इस्पात पब्लिक स्कूल, सेक्टर 2C, बोकारो स्टील सिटी में जूनियर विंग के शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण 25 सितंबर 2026 को हुआ।
प्रशिक्षण का विषय ‘कहानी कथन एक शिक्षण पद्धति’ (Storytelling as a Pedagogy) रहा। इसका उद्देश्य शिक्षकों की शिक्षण क्षमता को बेहतर बनाना था। साथ ही बच्चों के लिए पढ़ाई को रोचक और आनंददायक बनाने पर जोर दिया गया।
कहानी के जरिए पढ़ाई को बनाया जाएगा रोचक
प्रशिक्षण में कहानी कथन को प्रभावी शिक्षण पद्धति के रूप में अपनाने पर चर्चा हुई। शिक्षकों को बताया गया कि कहानी के माध्यम से बच्चों को विषय समझाना आसान हो सकता है।
कहानी बच्चों की रचनात्मकता और कल्पनाशक्ति को बढ़ाने में मदद कर सकती है। इससे संचार कौशल और कक्षा में सक्रिय भागीदारी को भी बढ़ावा मिलता है।
शिक्षकों को कक्षा में कहानी कथन की अलग-अलग तकनीकों का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया गया। उद्देश्य यह रहा कि कहानी केवल मनोरंजन का माध्यम न हो, बल्कि सीखने का प्रभावी साधन बने।

प्रधानाचार्या के मार्गदर्शन में हुआ प्रशिक्षण
प्रशिक्षण सत्र विद्यालय की प्रधानाचार्या अनुराधा सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। उन्होंने शिक्षकों के निरंतर प्रशिक्षण और व्यावसायिक विकास के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों को नई शिक्षण पद्धतियों से लगातार सीखते रहना चाहिए। इससे कक्षा में पढ़ाई को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
विद्यालय के अनुसार, टीम का मार्गदर्शन और उसका निरंतर विकास प्रधानाचार्या की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है। इसे विद्यालय के शैक्षणिक दृष्टिकोण का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
शिक्षकों के क्षमता विकास पर जोर
विद्यालय की ओर से शिक्षकों के लिए नियमित प्रशिक्षण और मार्गदर्शन पर जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य शिक्षण प्रक्रिया को बेहतर बनाना है।
कहानी कथन पर आयोजित यह प्रशिक्षण भी इसी दिशा में एक पहल रहा। इससे शिक्षकों को कक्षा में नए तरीके अपनाने का अवसर मिला।
विद्यालय का मानना है कि प्रभावी शिक्षण से विद्यार्थियों के लिए सीखने का वातावरण अधिक प्रेरणादायक और आनंदमय बनाया जा सकता है।






