डीपीएस बोकारो की दो शिक्षिकाओं को मिला ‘गार्गी मंजू सम्मान’
डीपीएस बोकारो की प्रधानाध्यापिका प्रीति सिन्हा और वरिष्ठ शिक्षिका पी. कलावती को गार्गी मंजू सम्मान 2026 से सम्मानित किया गया। रांची में आयोजित समारोह में दोनों शिक्षिकाओं को शिक्षा और समाज-निर्माण में योगदान के लिए सम्मान मिला।
प्रधानाध्यापिका प्रीति सिन्हा और वरिष्ठ शिक्षिका पी. कलावती राज्यस्तर पर सम्मानित
बोकारो: शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) बोकारो की प्रधानाध्यापिका प्रीति सिन्हा और वरिष्ठ शिक्षिका पी. कलावती को प्रतिष्ठित गार्गी मंजू सम्मान 2026 से सम्मानित किया गया है।
रांची में रविवार देर शाम आयोजित सम्मान समारोह में दोनों शिक्षिकाओं को शिक्षा, समर्पण और समाज-निर्माण में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। उन्हें 11 हजार रुपये की नकद पुरस्कार राशि, स्मृति चिह्न और प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया गया।
पद्मश्री डॉ. अशोक चक्रधर ने किया सम्मानित
गार्गी मंजू सम्मान के चौथे संस्करण में अंग्रेजी शिक्षिका प्रीति सिन्हा और हिंदी की पूर्व विभागाध्यक्ष पी. कलावती को हिंदी के प्रसिद्ध कवि एवं साहित्यकार पद्मश्री डॉ. अशोक चक्रधर तथा अंग्रेजी के विद्वान, साहित्यकार और कलाकार एंड्रू हॉफ लैंड के हाथों सम्मान मिला।
यह सम्मान राष्ट्र-निर्माण और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए प्रदान किया गया।

114 विद्यालयों के करीब 250 शिक्षक सम्मानित
गार्गी मंजू सम्मान का आयोजन सुधीर तिवारी फाउंडेशन की ओर से किया जाता है। यह सम्मान टेंडर हार्ट स्कूल, रांची की संस्थापिका स्वर्गीय गार्गी मंजू की स्मृति में दिया जाता है।
इस वर्ष सम्मान समारोह के चौथे संस्करण में राज्य के 114 विद्यालयों के करीब 250 हिंदी, अंग्रेजी और भाषा-साहित्य के शिक्षक-शिक्षिकाओं को सम्मानित किया गया।
प्राचार्य ने दी दोनों शिक्षिकाओं को बधाई
सम्मान प्राप्त करने के बाद सोमवार को दोनों शिक्षिकाएं बोकारो लौटीं। इस अवसर पर डीपीएस बोकारो के प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार ने उनका स्वागत किया और उपलब्धि के लिए बधाई दी।
उन्होंने कहा कि यह सम्मान शिक्षिकाओं के समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और अनुकरणीय सेवा का परिणाम है। उन्होंने इसे विद्यालय परिवार के लिए गौरव का विषय बताया।
22 और 25 वर्षों का शिक्षण अनुभव
प्रधानाध्यापिका प्रीति सिन्हा पिछले 22 वर्षों से अंग्रेजी अध्यापन से जुड़ी हैं। वहीं, वरिष्ठ शिक्षिका पी. कलावती को हिंदी शिक्षण का 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है।
दोनों शिक्षिकाओं ने अपनी उपलब्धि का श्रेय विद्यालय के प्राचार्य के सहयोग और मार्गदर्शन को दिया। विद्यालय परिवार ने भी दोनों शिक्षिकाओं को इस सम्मान के लिए शुभकामनाएं दीं।






