महाराष्ट्र ATS अधिकारी बनकर महिला को किया गया था डिजिटल अरेस्ट, साइबर थाना पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा
बोकारो, 28 सितंबर 2026: बोकारो पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के जरिए साइबर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। साइबर थाना कांड संख्या 08/2026 में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी खुद को महाराष्ट्र ATS का अधिकारी बताकर पीड़िता को फोन करते थे।
इसके बाद साइबर अपराध के मामले में फंसने का डर दिखाकर उसे डिजिटल अरेस्ट किया जाता था। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
300 करोड़ रुपये के लेन-देन का डर दिखाकर बनाया दबाव
मामला गोमिया थाना क्षेत्र की रहने वाली पुष्पलता त्रिपाठी से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, 13 मार्च 2026 को साइबर अपराधियों ने उन्हें फोन किया था।
आरोपियों ने पीड़िता के पति के खाते में पाकिस्तान से जुड़े करीब 300 करोड़ रुपये के लेन-देन की बात कही। इसके बाद खाते में अवैध रकम आने का डर दिखाया गया।
साइबर अपराधियों ने कार्रवाई का भय पैदा कर पीड़िता को अपने जाल में फंसा लिया। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस मामले में पीड़िता से कुल ₹4.50 लाख की साइबर ठगी की गई।

जांच के बाद आगरा से दो आरोपी गिरफ्तार
मामले की जांच के लिए बोकारो पुलिस ने विशेष टीम का गठन किया। पुलिस के अनुसार, तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई।
जांच के दौरान पुलिस टीम ने उत्तर प्रदेश के आगरा से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रवि कुमार और ऋतिक कुशवाहा के रूप में हुई है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से iPhone 15 और Nothing Phone (3a) बरामद किया है। इन मोबाइल फोन से साइबर ठगी से संबंधित ऑडियो और मैसेज के साक्ष्य मिलने की बात पुलिस ने कही है।
डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी से सावधान
बोकारो पुलिस की इस कार्रवाई से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है। साइबर अपराधी अक्सर पुलिस, जांच एजेंसी या अन्य सरकारी अधिकारी बनकर लोगों को डराने की कोशिश करते हैं।
ऐसी स्थिति में किसी अनजान व्यक्ति के दबाव में पैसे ट्रांसफर नहीं करें। संदिग्ध कॉल या ऑनलाइन ठगी की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना दें और साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराएं।



