भारतीय उद्योग मजदूर संघ ने नोटिस वापस लेने, पसंद के D-टाइप क्वार्टर आवंटित करने और जर्जर आवासों की उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई
बोकारो | 16 सितंबर 2026
बोकारो स्टील प्लांट के सेक्टर-12 के जर्जर और क्षतिग्रस्त क्वार्टरों में रह रहे BSL कर्मियों, सेवानिवृत्त लीज एवं लाइसेंसधारियों की आवासीय समस्या को लेकर भारतीय उद्योग मजदूर संघ ने प्रबंधन के समक्ष कई मांगें रखी हैं। संघ के महामंत्री कुमार अमित के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने नगर सेवा के मुख्य महाप्रबंधक कुंदन कुमार से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और समस्या के समाधान को लेकर वार्ता की।
प्रतिनिधिमंडल ने क्षतिग्रस्त क्वार्टरों में रहने वाले कर्मियों के पुनर्वास, D-टाइप आवास आवंटन और कर्मचारियों को दिए गए नोटिस को वापस लेने की मांग की। BSL की ओर से पहले भी क्षतिग्रस्त और नॉन-रिपेरेबल क्वार्टरों में रहने वाले पात्र कर्मियों के लिए वैकल्पिक आवास की प्रक्रिया शुरू की गई थी।

कुमार अमित बोले- कर्मचारियों को तुगलकी नोटिस नहीं, D-टाइप आवास दें
महामंत्री कुमार अमित ने कहा कि सेक्टर-12 के कई ब्लॉकों को क्षतिग्रस्त घोषित किए जाने के बाद सैकड़ों BSL कर्मियों और सेवानिवृत्त लीज एवं लाइसेंसधारियों के परिवारों के सामने आवास का संकट खड़ा हो गया है।
उन्होंने कहा कि D-टाइप आवास के हकदार कर्मचारियों ने महीनों पहले आवेदन किया था, लेकिन उनकी मांग पर अपेक्षित गंभीरता से कार्रवाई नहीं हुई।
कुमार अमित ने कहा कि कर्मचारियों को समस्या का समाधान देने के बजाय यदि नोटिस देकर जल्दबाजी में आवास खाली करने का दबाव बनाया जाता है, तो इससे कर्मचारियों की परेशानी और बढ़ेगी। उन्होंने प्रबंधन से सम्मानजनक और व्यावहारिक समाधान निकालने की मांग की।
अचानक क्वार्टर गिरने के बाद जांच की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि हाल ही में सेक्टर-12 का एक ब्लॉक अचानक धराशायी हो गया था। संघ का दावा है कि उक्त ब्लॉक प्रबंधन की क्षतिग्रस्त सूची में शामिल नहीं था।
इसे लेकर प्रतिनिधिमंडल ने जांच करने वाली एजेंसी की प्रक्रिया और नगर प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
एक सप्ताह में E-टाइप में शिफ्ट होने के नोटिस का विरोध
प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद कर्मचारियों को एक सप्ताह के भीतर E-टाइप आवास में शिफ्ट होने के लिए कहा गया और अनुशासनात्मक कार्रवाई का नोटिस भी दिया गया।
संघ ने इस नोटिस को तत्काल वापस लेने की मांग की। कुमार अमित ने कहा कि बिना पर्याप्त मेंटेनेंस के वैकल्पिक आवास में शिफ्ट करना कर्मचारियों के लिए व्यावहारिक समाधान नहीं है।
संघ ने रखीं कई मांगें
प्रतिनिधिमंडल ने प्रबंधन के समक्ष मांग रखी कि—
- सभी खाली D-टाइप क्वार्टरों की सूची सार्वजनिक की जाए।
- पात्र कर्मियों को उनकी पसंद के D-टाइप आवास जल्द आवंटित किए जाएं।
- आवंटित क्वार्टरों का पूर्ण मेंटेनेंस कराया जाए या मेंटेनेंस की एकमुश्त राशि कर्मचारियों को दी जाए।
- शिफ्टिंग के लिए कर्मचारियों को ट्रांसपोर्ट भत्ता दिया जाए।
- समय पर आवास आवंटित नहीं होने की स्थिति में दो मकानों का किराया भत्ता दिया जाए।
- जर्जर क्वार्टरों में रह रहे लीज एवं लाइसेंसधारियों को भी सम्मानजनक आवास का विकल्प मिले।
- बड़े परिवार वाले BSL कर्मियों को उपलब्ध खाली E-टाइप क्वार्टरों के आवंटन पर विचार किया जाए।
- वर्षों से खाली पड़े क्वार्टरों के लिए पारदर्शी नीति बनाकर ठेका कर्मियों को भी आवास सुविधा देने पर विचार हो।
संघ का कहना है कि इससे ठेका कर्मियों को आवास की सुविधा मिल सकती है और प्रबंधन को अतिरिक्त राजस्व भी प्राप्त हो सकता है।
प्रबंधन ने सकारात्मक पहल का दिया आश्वासन
वार्ता के दौरान नगर सेवा के मुख्य महाप्रबंधक कुंदन कुमार ने प्रतिनिधिमंडल को सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया।
महामंत्री कुमार अमित ने कहा कि यदि जल्द सम्मानजनक समाधान नहीं निकाला गया तो संघ आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
प्रतिनिधिमंडल में बीयूएमएस के अध्यक्ष अब्दुल रब अख्तर, उपाध्यक्ष रामावतार, धनंजय चौबे, संयुक्त महामंत्री अशोक कुमार, जन्मजय गोस्वामी, जगन्नाथ पूर्ति, ताजुद्दीन अंसारी, बलराम यादव, संदीप महंता सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे।






