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जामताड़ाझारखंड

मुहर्रम तजिया जुलूसों में शामिल हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, दिया भाईचारे का संदेश

मुहर्रम तजिया जुलूस में डॉ. इरफान अंसारी ने दिया भाईचारे का संदेश, कहा – कर्बला का पैगाम है सच्चाई के लिए डटे रहना

जामताड़ा: भारी बारिश के बावजूद झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने रविवार को जामताड़ा विधानसभा क्षेत्र के छायाटांड़, फिटकोरिया, बिराजपुर, नारायणपुर, ढेकीपाड़ा और मिहिजाम सहित कई इलाकों में आयोजित मुहर्रम तजिया जुलूसों में भाग लिया। उन्होंने स्थान-स्थान पर लोगों से मिलकर एकता, भाईचारा और इंसानियत का संदेश दिया।

डॉ. अंसारी ने बुज़ुर्गों, युवाओं और बच्चों से हाथ मिलाकर, गले लगाकर आपसी सौहार्द को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा,

“जामताड़ा की पहचान केवल विकास नहीं, बल्कि भाईचारे की मिसाल से होनी चाहिए।”


कर्बला से सीखें, सत्य के लिए कभी न झुकें – डॉ. अंसारी

जनसमूह को संबोधित करते हुए उन्होंने हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) की कुर्बानी को याद करते हुए कहा कि

“कर्बला का संदेश है — सच्चाई के लिए लड़ना, अन्याय का विरोध करना और आदर्शों पर अडिग रहना।”

उन्होंने कहा कि हुसैन (अ.स.) के पास हथियार नहीं थे, संख्या भी बहुत कम थी, लेकिन हिम्मत, उसूल और सच्चाई ने उन्हें अमर बना दिया

“यज़ीद जैसे अत्याचारी को उन्होंने खलीफा मानने से इनकार किया, चाहे इसके बदले उन्हें अपने पूरे परिवार की कुर्बानी ही क्यों न देनी पड़ी,” उन्होंने कहा।


सेवा ही मेरी राजनीति है – मंत्री का जनसमर्पण

डॉ. अंसारी ने कहा कि

“मैं राजनीति को सेवा का माध्यम मानता हूं। मैंने खुद को जनता के लिए समर्पित कर दिया है। चौबीसों घंटे, सातों दिन आपकी सेवा में उपस्थित हूं।”

उन्होंने जामताड़ा की जनता को भरोसा दिलाया कि “आपका भाई इरफान अंसारी हर समय आपके साथ है।”
साथ ही उन्होंने सभी समुदायों से धार्मिक सहिष्णुता और सामाजिक एकता के साथ झारखंड को आदर्श राज्य बनाने का आह्वान किया।


मुहर्रम का संदेश – डटकर संघर्ष करें, डरकर समझौता नहीं

समापन में मंत्री ने कहा,

“मुहर्रम हमें सिखाता है कि ज़िंदगी की असली जीत उसूलों पर डटे रहने में है, न कि डरकर समझौता करने में।”

डॉ. अंसारी की इस भागीदारी और प्रेरणादायक संदेश ने न केवल मुस्लिम समाज बल्कि सभी समुदायों में सकारात्मक ऊर्जा और सौहार्द का वातावरण पैदा किया।


📌 नोट: इस खबर को शेयर करें और मुहर्रम के अमर संदेश को फैलाएं — सत्य, एकता और इंसानियत के लिए।

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