‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के तहत खेल प्रतियोगिता, विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी देकर किया गया सम्मानित
बोकारो | 9 सितंबर 2026
बोकारो: ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत बोकारो में बालिकाओं के आत्मविश्वास और खेल प्रतिभा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से फुटबॉल, वॉलीबॉल और खो-खो प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण शाखा, बोकारो की ओर से सी-3 संस्था के तकनीकी सहयोग से आयोजित प्रतियोगिता में बालिकाओं ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
फुटबॉल, वॉलीबॉल और खो-खो में दिखाया दम
खेल प्रतियोगिता का आयोजन राजकीयकृत उच्च विद्यालय, लकड़ाखंदा, चास-2 और पीएम श्री पंचानन राजबाला +2 उच्च विद्यालय, सतनपुर में किया गया।
इन प्रतियोगिताओं में बालिकाओं ने फुटबॉल, वॉलीबॉल और खो-खो में अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों में उत्साह और उमंग देखने को मिला।
खेल के जरिए आत्मविश्वास बढ़ाने पर जोर
आयोजन का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास विकसित करना और उन्हें यह संदेश देना था कि कोई भी खेल ऐसा नहीं है, जिसे बेटियां नहीं खेल सकतीं।
इसके साथ ही शिक्षा के साथ बालिकाओं के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने, नेतृत्व क्षमता विकसित करने और उन्हें आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने पर जोर दिया गया।
खेल प्रतियोगिता के माध्यम से बालिकाओं में खेल के प्रति रुचि और सक्रिय भागीदारी बढ़ाने के साथ-साथ आत्मविश्वास, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना विकसित करने का प्रयास किया गया।
‘खेल आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास का सशक्त माध्यम’
इस अवसर पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी (DSWO) डॉ. सुमन गुप्ता ने बालिकाओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास का सशक्त माध्यम है।
उन्होंने कहा कि बालिकाओं को समान अवसर और उचित प्रोत्साहन देकर उन्हें जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए सक्षम बनाया जा सकता है। शिक्षा और खेल के समन्वय से बालिकाओं के सशक्त, स्वस्थ और अनुशासित व्यक्तित्व का निर्माण संभव है।
विजेता और उपविजेता टीमों को मिली ट्रॉफी
प्रतियोगिता के समापन पर विजेता एवं उपविजेता टीमों को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के प्रधानाध्यापक विनय कुमार पांडे, सेवा दास हेम्ब्रम, शारीरिक शिक्षक आशुतोष कुमार एवं अरुण मिश्रा समेत विद्यालय के अन्य शिक्षकों का सराहनीय योगदान रहा।






