बीएसएल अनाधिशासी कर्मचारी संघ ने सेल कॉर्पोरेट और BSL प्रबंधन पर वर्षों से मुद्दे लंबित रखने का लगाया आरोप, चार चरणों में आंदोलन की घोषणा
बोकारो | 8 सितंबर 2026
बोकारो स्टील प्लांट में गैर-कार्यपालक कर्मचारियों से जुड़े लंबित मुद्दों को लेकर बीएसएल अनाधिशासी कर्मचारी संघ (BAKS) ने चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है। संघ की कार्यकारिणी की बैठक के बाद सेल कॉर्पोरेट कार्यालय और BSL प्रबंधन के खिलाफ ब्लैक बैज से लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल तक आंदोलन की घोषणा की गई है।
BAKS का दावा है कि बोकारो इस्पात संयंत्र में कार्यरत करीब 7,200 गैर-कार्यपालक कर्मचारियों से जुड़े सैकड़ों मुद्दे वर्षों से लंबित हैं। संघ ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों के आर्थिक और सेवा संबंधी मामलों के समाधान में प्रबंधन की ओर से अपेक्षित पहल नहीं की जा रही है।
सेल कॉर्पोरेट स्तर पर 45 से अधिक मुद्दे लंबित होने का दावा
यूनियन के अनुसार, सेल के गैर-कार्यपालक कर्मचारियों से जुड़े 45 से अधिक मुद्दे सेल कॉर्पोरेट कार्यालय, लोधी रोड, नई दिल्ली से संबंधित हैं। BAKS का आरोप है कि इनमें से कई मुद्दे करीब एक दशक से लंबित हैं।
इसके अलावा बोकारो इस्पात संयंत्र और विभिन्न विभागों के स्तर पर भी 20 से अधिक मुद्दे कई वर्षों से लंबित होने का दावा किया गया है।
औद्योगिक संबंधों को लेकर भी उठाए सवाल
BAKS ने आरोप लगाया कि सेल कॉर्पोरेट कार्यालय और BSL प्रबंधन के स्तर पर औद्योगिक संबंधों की स्थिति बेहद खराब हो गई है। यूनियन का कहना है कि मांग पत्रों का जवाब नहीं मिल रहा और कई मुद्दों पर यूनियनों के साथ प्रभावी बातचीत भी नहीं हो रही है।
संघ ने एकतरफा स्थानांतरण, निलंबन, इंक्रीमेंट कटौती और शो-कॉज नोटिस जैसी कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए हैं। वहीं, विभिन्न सरकारी मंचों पर शिकायत और मांग पत्र भेजे जाने के बावजूद समाधान नहीं होने का दावा किया गया है।
चार चरणों में चलेगा आंदोलन
BAKS ने आंदोलन को चार चरणों में चलाने की घोषणा की है—
पहला चरण: सभी गैर-कार्यपालक कर्मचारी मांगों के समर्थन में Black Badge लगाएंगे।
दूसरा चरण: BSL के प्रत्येक विभागाध्यक्ष के कार्यालय के सामने विराट प्रदर्शन किया जाएगा।
तीसरा चरण: कर्मचारियों की ओर से मौन जुलूस और पदयात्रा निकाली जाएगी।
चौथा चरण: इसके बाद अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का चरण शुरू किया जाएगा।
‘संघर्ष के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा’—BAKS
BAKS महासचिव हरिओम ने कहा कि गैर-कार्यपालक कर्मचारियों के मुद्दों को लेकर यूनियन ने इस्पात मंत्रालय, लोक उद्यम विभाग, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, मुख्य श्रमायुक्त, उप मुख्य श्रमायुक्त धनबाद कार्यालय और प्रधानमंत्री कार्यालय सहित विभिन्न मंचों पर मांग एवं शिकायत पत्र भेजे हैं।
उनके अनुसार, कई मुद्दों पर न्याय के लिए न्यायालय का भी सहारा लिया गया है, लेकिन अभी भी कई मामले लंबित हैं। हरिओम ने कहा कि इसी वजह से यूनियन ने संघर्ष और आंदोलन का रास्ता चुना है और इसकी जिम्मेदारी सेल कॉर्पोरेट कार्यालय तथा BSL प्रबंधन की होगी।
वहीं BAKS उपाध्यक्ष कृष्ण रजवार ने आरोप लगाया कि सैकड़ों मुद्दे लंबित होने के बावजूद उच्च प्रबंधन मौन है। उन्होंने प्रबंधन के रवैये की तुलना औपनिवेशिक दौर के शोषण से करते हुए कर्मचारियों के अधिकारों के लिए आंदोलन तेज करने की बात कही।
अब देखना होगा कि BAKS की आंदोलन की घोषणा के बाद सेल और BSL प्रबंधन की ओर से कर्मचारियों के लंबित मुद्दों पर क्या पहल की जाती है।






