बोकारो पुलिस जवानों को सिविल डिफेंस की ट्रेनिंग, हादसे में घायल की जान बचाने पर जोर
बोकारो पुलिस लाइन में पुलिस जवानों के लिए सिविल डिफेंस प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। प्रशिक्षण में CPR, फर्स्ट एड, रक्तस्राव रोकने और सड़क दुर्घटना के बाद गोल्डन आवर में घायल को तत्काल मदद देने की जानकारी दी गई।
सड़क दुर्घटना के बाद गोल्डन आवर में त्वरित मदद देने की सीख, CPR और फर्स्ट एड का कराया गया अभ्यास
बोकारो | 30 सितंबर 2026
बोकारो पुलिस लाइन में बुधवार को पुलिस जवानों के लिए सिविल डिफेंस प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हुई। कार्यक्रम में उपायुक्त अजय नाथ झा और पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीणा ने पुलिसकर्मियों को आपात परिस्थितियों में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया देने के लिए प्रेरित किया। प्रशिक्षण का मुख्य फोकस सड़क दुर्घटना के दौरान घायल व्यक्ति को समय पर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने और जल्द अस्पताल पहुंचाने पर रहा।

गोल्डन आवर में त्वरित मदद जरूरी
उपायुक्त ने कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद शुरुआती समय यानी गोल्डन आवर बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे समय में घायल को जल्द अस्पताल पहुंचाने के साथ रास्ते में आवश्यक प्राथमिक उपचार देना भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि पुलिस का रिस्पॉन्स कई बार दुर्घटना के बाद सबसे पहले होता है। इसलिए पुलिस जवानों को प्राथमिक उपचार की जानकारी होना बेहद उपयोगी है।

पांच हजार नागरिकों को मिल चुका है प्रशिक्षण
उपायुक्त के अनुसार सिविल डिफेंस के माध्यम से अब तक करीब पांच हजार नागरिकों को प्रशिक्षण एवं जागरूकता दी जा चुकी है। दुर्घटना की सूचना प्रशिक्षित लोगों तक जल्द पहुंचाने के लिए सिविल डिफेंस के व्हाट्सऐप ग्रुप को पुलिस व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
इसके अलावा प्रत्येक पुलिस वाहन और थाना में फर्स्ट एड बॉक्स उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। थाना और पीसीआर वाहनों में नजदीकी एंबुलेंस की जानकारी रखने पर भी काम किया जा रहा है।
अच्छे कार्य करने वाले पुलिसकर्मी होंगे प्रोत्साहित
उपायुक्त ने कहा कि दुर्घटना में घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाकर जान बचाने वाले पुलिसकर्मियों को गुड समैरिटन की तर्ज पर सम्मानित किया जाएगा। ऐसे कार्यों के लिए प्रमाण पत्र और सेवा अभिलेख में प्रविष्टि की व्यवस्था पर भी काम किया जा रहा है।

CPR और फर्स्ट एड की दी गई जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान सिविल डिफेंस के प्रशिक्षकों ने पुलिस जवानों को गोल्डन रूल्स ऑफ फर्स्ट एड की जानकारी दी। जवानों को DRS-CAB प्रक्रिया के साथ-साथ CPR, रक्तस्राव रोकने और घायल व्यक्ति को सुरक्षित तरीके से संभालने की व्यवहारिक जानकारी दी गई।
पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीणा ने जवानों से प्रशिक्षण में सीखी तकनीकों का जरूरत पड़ने पर प्रभावी उपयोग करने की अपील की।



