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बोकारो के विस्थापित गांवों को पंचायत का दर्जा देने की मांग तेज, हटिया मोड़ पर मुख्यमंत्री का पुतला दहन

पंचायत का दर्जा नहीं मिलने से नाराज विस्थापितों का प्रदर्शन, भाजपा नेता डॉ. प्रकाश सिंह ने सरकार पर साधा निशाना

बोकारो | बोकारो के विस्थापित गांवों को पंचायत का दर्जा नहीं दिए जाने के विरोध में हटिया मोड़ के पास विस्थापितों द्वारा जन आक्रोश रैली और मुख्यमंत्री का पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में विस्थापित ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम को भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. प्रकाश सिंह ने भी समर्थन दिया और अपने समर्थकों के साथ आंदोलन में शामिल हुए।

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विस्थापितों के अधिकारों की अनदेखी का आरोप

सभा को संबोधित करते हुए डॉ. प्रकाश सिंह ने कहा कि देश के औद्योगिक विकास के लिए विस्थापितों के पूर्वजों ने अपनी जमीन सरकार और बोकारो स्टील प्लांट को दी थी। बदले में रोजगार और विकास का वादा किया गया था, लेकिन आज विस्थापित परिवार खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि विस्थापित गांवों को पंचायत का दर्जा नहीं मिलने के कारण हजारों परिवार सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं।

सरकारी योजनाओं से वंचित होने का दावा

डॉ. सिंह ने कहा कि पंचायत का दर्जा नहीं होने से लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना, राशन कार्ड, विधवा एवं वृद्धा पेंशन, नल-जल योजना जैसी सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि कई स्थानों पर जाति, आवासीय और आय प्रमाण पत्र बनाने में भी लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

चुनावी वादों को याद दिलाया

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विस्थापित गांवों को पंचायत का दर्जा देने का वादा किया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है।

उन्होंने कहा कि विस्थापित समाज लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहा है और सरकार को इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

विस्थापित युवाओं में बढ़ रहा आक्रोश

रैली में शामिल लोगों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से विस्थापित गांवों को पंचायत का दर्जा देने और बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग की।

कई नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद

कार्यक्रम में भाजपा आदिवासी मोर्चा के जिला अध्यक्ष रामलाल सोरेन, नजमूल होदा, फिरोज अंसारी, गोपी डे, छोटू तुर्रा समेत कई सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

निष्कर्ष

बोकारो के विस्थापित गांवों को पंचायत का दर्जा देने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ती दिख रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

 

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