डिजाइन एवं इंजीनियरिंग पर दो दिवसीय कार्यशाला में तकनीकी चुनौतियों, श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों और आधुनिक इंजीनियरिंग पद्धतियों पर हुआ मंथन
बोकारो | 12 सितंबर 2026
बोकारो इस्पात संयंत्र के तकनीकी सेल विभाग द्वारा डिजाइन एवं इंजीनियरिंग विषय पर आयोजित दो दिवसीय ‘लियो’ (Learning From Each Other) कार्यशाला का 12 सितंबर को समापन हुआ। सेल स्तर पर अपनी तरह की इस पहली एवं अनूठी पहल में बोकारो, भिलाई, राउरकेला, दुर्गापुर और इस्को (बर्नपुर) इस्पात संयंत्रों के डिजाइन एवं इंजीनियरिंग विशेषज्ञों ने सक्रिय सहभागिता की।
कार्यशाला का उद्देश्य विभिन्न संयंत्रों के बीच ज्ञान-साझाकरण, तकनीकी चुनौतियों के समाधान, श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान और आधुनिक इंजीनियरिंग पद्धतियों को साझा करने के लिए प्रभावी मंच उपलब्ध कराना था।
पांच संयंत्रों के विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
दो दिवसीय कार्यशाला के दौरान विभिन्न संयंत्रों से आए प्रतिभागियों ने अपने अनुभव, तकनीकी ज्ञान, श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों और नवीन समाधानों को साझा किया। डिजाइन एवं इंजीनियरिंग से जुड़ी तकनीकी चुनौतियों, उनके संभावित समाधान तथा प्रक्रियाओं में सुधार की संभावनाओं पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
इस दौरान अंतर-संयंत्र सहयोग और सामूहिक सीखने के माध्यम से तकनीकी क्षमताओं को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।
अभिनव पहल की सराहना, तकनीकी क्षमता मजबूत करने पर जोर
समापन सत्र में अधिशासी निदेशक (संकार्य) मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ मुख्य महाप्रबंधक (टेक्नीकल सेल) सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
समापन सत्र को संबोधित करते हुए अधिशासी निदेशक (संकार्य) ने तकनीकी सेल विभाग की इस पहल की सराहना की। उन्होंने इसे इंजीनियरिंग क्षमता को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया।
उन्होंने सेल की सभी इकाइयों के बीच सामूहिक ज्ञान-साझाकरण, श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों के मानकीकरण और तकनीकी क्षमताओं के निरंतर सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दिया।
इस अवसर पर कार्यशाला के दौरान आयोजित विभिन्न गतिविधियों के विजेताओं एवं प्रतिभागी प्रतिनिधियों को सम्मानित भी किया गया।
आधुनिक इंजीनियरिंग टूल्स के इस्तेमाल की रूपरेखा
समापन सत्र में मुख्य महाप्रबंधक (टेक्नीकल सेल) ने सेल की विभिन्न इकाइयों की वर्तमान डिजाइन क्षमताओं और सुधार की संभावनाओं से संबंधित रिपोर्ट प्रस्तुत की।
उन्होंने आधुनिक इंजीनियरिंग टूल्स एवं उन्नत सॉफ्टवेयर के प्रभावी उपयोग, तकनीकी दक्षताओं के विकास और अंतर-संयंत्र समन्वय को और मजबूत करने के लिए प्रस्तावित भावी कार्ययोजना की रूपरेखा भी साझा की।
तकनीकी उत्कृष्टता और सीखने की संस्कृति को बढ़ावा
‘लियो’ कार्यशाला ने बोकारो इस्पात संयंत्र की तकनीकी उत्कृष्टता, नवोन्मेषी सोच और निरंतर सीखने की संस्कृति के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
साथ ही, विभिन्न सेल इकाइयों के बीच अनुभव और श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान के जरिए मजबूत एवं सहयोगात्मक तकनीकी कार्य-संस्कृति विकसित करने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा गया।






