केशलपुर कुमारपट्टी में मिट्टी धंसने से मची अफरा-तफरी, ग्रामीणों ने मलबा हटाकर दो शव निकाले
धनबाद | 13 सितंबर 2026
धनबाद के कतरास स्थित रामकनाली ओपी क्षेत्र के केशलपुर कुमारपट्टी में रविवार सुबह कथित अवैध कोयला खनन के दौरान बड़ा हादसा हो गया। अचानक मिट्टी और मलबे का बड़ा हिस्सा धंसने से कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई गई है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने राहत और बचाव का काम शुरू किया। उपलब्ध रिपोर्टों में दो शव बरामद होने की पुष्टि है, जबकि कुछ रिपोर्टों में तीन लोगों की मौत की सूचना सामने आई है।
सुरंग में कोयला काटने के दौरान धंसा मलबा
स्थानीय जानकारी के अनुसार, कुछ महिला और पुरुष कथित तौर पर सुरंगों में जाकर कोयला काटने का काम करते थे। रविवार सुबह करीब सात बजे इसी दौरान मिट्टी का बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया और सुरंग के अंदर मौजूद लोग मलबे में फंस गए।
हादसे के बाद मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जुट गए। लोगों ने कुदाल और गेंती की मदद से मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। रिपोर्टों के अनुसार, तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
दो शव निकाले गए, तीसरी मौत की भी सूचना
मलबा हटाने के दौरान दो लोगों के शव बाहर निकाले गए। सामने आई जानकारी के मुताबिक मृतकों में केवटकुली निवासी मुनिया देवी और बेलोंजाबाद निवासी धनंजय कुमार के नाम बताए जा रहे हैं।
कुछ रिपोर्टों में हादसे में तीन लोगों की मौत की सूचना दी गई है, लेकिन तीसरे मृतक की पहचान और कुल मृतकों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि अभी स्पष्ट नहीं है। यही वजह है कि फिलहाल मृतकों की संख्या को लेकर अंतिम पुष्टि का इंतजार है।
कई और लोगों के दबे होने की आशंका
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि सुरंग के अंदर अभी और लोग फंसे हो सकते हैं। इसी आशंका के चलते ग्रामीण लगातार मलबा हटाने और अंदर तलाश करने में जुटे रहे।
दो शवों को बाहर निकालने के बाद स्थानीय लोगों द्वारा बाइक से अस्पताल ले जाने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, हादसे के समय सुरंग के अंदर वास्तव में कितने लोग मौजूद थे, इसकी स्पष्ट जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
अवैध खनन के दावे की जांच जरूरी
घटना को कथित अवैध कोयला खनन से जोड़कर देखा जा रहा है। स्थानीय स्तर पर सुरंग के जरिए कोयला निकालने और बाइक के माध्यम से कोयला ले जाने की बातें सामने आई हैं, लेकिन इन दावों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई तथा हादसे में दबे लोगों की वास्तविक संख्या को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। घटना की पूरी तस्वीर जांच और राहत-बचाव अभियान के बाद ही स्पष्ट होगी।






