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झारखंडबोकारो

बोकारो: BGH में दुनिया के दुर्लभ ‘बॉम्बे ब्लड ग्रुप’ की पहचान, आपातकालीन उपचार के लिए तैयार किया विशेष रिकॉर्ड

बीजीएच ब्लड सेंटर की बड़ी उपलब्धि, विशेष जांच में मिला दुर्लभ बॉम्बे (Oh/HH) ब्लड ग्रुप; परिवार की भी होगी स्क्रीनिंग।

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बोकारो | 14 जुलाई 2026

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बोकारो जनरल अस्पताल (BGH) के ब्लड सेंटर ने चिकित्सा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। विशेष जांच और क्रॉस-मैचिंग के दौरान दुनिया के सबसे दुर्लभ रक्त समूहों में शामिल ‘बॉम्बे ब्लड ग्रुप (Oh/HH)’ की पहचान की गई है। अस्पताल ने भविष्य में आपातकालीन जरूरतों को देखते हुए रक्तदाता का रिकॉर्ड सुरक्षित कर लिया है और संबंधित परिवार की स्क्रीनिंग भी शुरू कर दी है।


BGH में दुर्लभ ‘बॉम्बे ब्लड ग्रुप’ की पहचान, आपातकालीन इलाज में मिलेगी बड़ी मदद

बोकारो इस्पात संयंत्र संचालित बोकारो जनरल अस्पताल (BGH) के ब्लड सेंटर ने एक अत्यंत दुर्लभ ‘बॉम्बे ब्लड ग्रुप’ (Oh/HH) की पहचान कर चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। विशेष जांच, क्रॉस-मैचिंग और एंटीजन परीक्षण के बाद इस दुर्लभ रक्त समूह की पुष्टि की गई।

दुनिया के सबसे दुर्लभ ब्लड ग्रुप में से एक

विशेषज्ञ चिकित्सकों के अनुसार, बॉम्बे ब्लड ग्रुप दुनिया के सबसे दुर्लभ रक्त समूहों में गिना जाता है। वैश्विक स्तर पर यह लगभग 40 लाख लोगों में एक व्यक्ति में पाया जाता है, जबकि भारत में इसकी अनुमानित उपलब्धता 10 हजार लोगों में एक है। इस रक्त समूह की खोज पहली बार वर्ष 1952 में तत्कालीन बॉम्बे (अब मुंबई) में हुई थी, इसलिए इसका नाम बॉम्बे ब्लड ग्रुप रखा गया।

क्यों है यह ब्लड ग्रुप इतना खास?

चिकित्सकों ने बताया कि सामान्य A, B, AB और O ब्लड ग्रुप से अलग, बॉम्बे ब्लड ग्रुप में H एंटीजन मौजूद नहीं होता। यही इसकी सबसे बड़ी विशेषता है। इस कारण इस ब्लड ग्रुप वाले मरीजों को केवल बॉम्बे ब्लड ग्रुप का ही रक्त चढ़ाया जा सकता है। यदि गलती से O पॉजिटिव या O नेगेटिव रक्त चढ़ा दिया जाए, तो गंभीर और जानलेवा हेमोलिटिक ट्रांसफ्यूजन रिएक्शन हो सकता है।

भविष्य के लिए सुरक्षित किया गया रक्तदाता का रिकॉर्ड

बीजीएच के प्रमुख डॉ. बी.बी. करुणामय तथा लैब सर्विसेज एवं ब्लड सेंटर प्रभारी डॉ. अनिंदो मंडल के मार्गदर्शन में ब्लड सेंटर प्रभारी डॉ. सुरेन्द्र कुमार, डॉ. कुमार अनिमेष और उनकी टीम ने इस दुर्लभ रक्तदाता का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित कर लिया है। ताकि भविष्य में किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत संपर्क कर मरीज की जान बचाई जा सके।

परिवार की होगी जेनेटिक स्क्रीनिंग

अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि चूंकि यह एक आनुवंशिक (जेनेटिक) रक्त समूह है, इसलिए संबंधित परिवार के अन्य सदस्यों की भी स्क्रीनिंग की जा रही है। बीजीएच की यह उपलब्धि अस्पताल की अत्याधुनिक जांच सुविधाओं, विशेषज्ञता और रोगी सुरक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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