सात संवेदनशील स्थानों पर 24 घंटे चेकनाका, तीन पालियों में निगरानी; बालू, पत्थर और कोयला परिवहन पर कड़ी नजर
बोकारो | 21 सितंबर 2026
बोकारो में अवैध खनन और खनिज परिवहन के खिलाफ जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज करने का फैसला लिया है। उपायुक्त अजय नाथ झा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स की बैठक में अब तक की कार्रवाई की समीक्षा की गई। बैठक में 28 जुलाई से 19 सितंबर 2026 तक 46 वाहन जब्त किए जाने और 28.18 लाख रुपये की वसूली की जानकारी दी गई।
46 वाहन जब्त, 8 शिकायत वाद दर्ज
जिला खनन पदाधिकारी रवि कुमार ने कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि इस अवधि में अवैध खनन और खनिज परिवहन के मामलों में कुल 46 वाहन जब्त किए गए।
- बालू: 32 वाहन जब्त, ₹12.04 लाख की वसूली
- पत्थर: 10 वाहन जब्त, ₹16.14 लाख की वसूली
- कोयला: 4 वाहन जब्त और नियमानुसार शिकायत वाद दर्ज
- कुल शिकायत वाद: 8
- कुल वसूली: ₹28.18 लाख
सात जगहों पर चेकनाका, 24 घंटे निगरानी
अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर निगरानी बढ़ाने के लिए जिले के सात संवेदनशील स्थलों पर चेकनाका स्थापित किए जा रहे हैं। यहां दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की जाएगी।
इन चेकनाकों पर तीन पालियों में 24 घंटे निगरानी रखने की व्यवस्था होगी, ताकि संदिग्ध वाहनों पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।

परियोजनाओं के महाप्रबंधकों की गैरमौजूदगी पर नाराजगी
बैठक में विभिन्न परियोजनाओं के महाप्रबंधकों की अनुपस्थिति पर उपायुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने जिला खनन पदाधिकारी को निर्देश दिया कि अगली बैठक से संबंधित परियोजनाओं के महाप्रबंधकों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराई जाए।
सात बालू घाटों की नीलामी पूरी
बैठक में बताया गया कि जिले के सात बालू घाटों की नीलामी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। सभी सात घाट समर्थ एड प्रोटेक्शन प्राइवेट लिमिटेड को प्राप्त हुए हैं और कंपनी द्वारा लगभग पांच करोड़ रुपये की प्रतिभूति राशि जमा की जा चुकी है।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, एनजीटी से रोक की अवधि समाप्त होने के बाद 15 अक्टूबर से खेतको और पिछड़ी बालू घाटों का संचालन शुरू किया जा सकेगा। दोनों घाटों के लिए आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त होने की बात भी बताई गई।
प्रदूषण नियंत्रण के उपायों की होगी समीक्षा
उपायुक्त ने खनन एवं औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ी प्रदूषण शिकायतों की पारदर्शी और तथ्यपरक स्थल जांच का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए किए जा रहे उपायों का प्रभाव जमीन पर दिखाई देना चाहिए।
प्रदूषण मापन इकाइयों से प्राप्त आंकड़ों की नियमित समीक्षा करने और जरूरत के अनुसार सेंसर आधारित निगरानी व्यवस्था मजबूत करने का निर्देश भी दिया गया।

बंद कोयला खदानों में पेट्रोलिंग बढ़ाने का निर्देश
परित्यक्त और गैर-संचालित कोयला खदानों में अवैध खनन एवं कोयला चोरी रोकने के लिए नियमित पेट्रोलिंग पर जोर दिया गया। इसके लिए रूट-चार्ट तैयार करने, एप्रोच रोड विकसित करने और आवश्यक जांच चौकियां स्थापित करने का निर्देश दिया गया।
सीसीएल और बीसीसीएल समेत संबंधित परियोजनाओं को अपने क्षेत्र और परिसंपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा गया।
वाहनों के दस्तावेजों की होगी औचक जांच
सीआईएसएफ और संबंधित अधिकारियों को खनिज परिवहन करने वाले वाहनों की नियमित एवं औचक जांच करने का निर्देश दिया गया। जांच के दौरान परिवहन चालान, फॉर्म-डी और अन्य जरूरी दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा।
रॉयल्टी भुगतान में पारदर्शिता पर जोर
बैठक में खनिजों के उपयोग और परिवहन के एवज में रॉयल्टी भुगतान की भी समीक्षा हुई। संबंधित पक्षों से खनिजवार जमा राशि का स्पष्ट विवरण प्राप्त करने का निर्देश दिया गया।
बीएसएल से जुड़े मामलों में भी खनिज उपयोग और रॉयल्टी भुगतान से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा गया।
MMDR अधिनियम पर अधिकारियों को दी गई जानकारी
बैठक के दूसरे चरण में जिला खनन पदाधिकारी रवि कुमार ने MMDR अधिनियम और अवैध खनन, खनिज परिवहन एवं भंडारण से जुड़े नियमों की जानकारी दी।
अधिकारियों को धारा 21(4) के तहत तलाशी एवं जब्ती, धारा 22 के तहत न्यायालय द्वारा संज्ञान और धारा 24 के तहत प्रवेश एवं निरीक्षण से संबंधित प्रावधान समझाए गए।
वाहन जब्ती के दौरान जब्ती स्थल, वाहन, खनिज की मात्रा, दस्तावेज और गवाहों समेत आवश्यक तथ्यों का स्पष्ट उल्लेख करने पर भी जोर दिया गया।






