बोकारो: DMFT के लेखा लिपिक 51 लाख रुपये नकद के साथ पकड़े गए, रकम आयकर विभाग को सौंपी गई
रामगढ़ के गोला क्षेत्र में वाहन जांच के दौरान बोकारो DMFT से जुड़े लेखा लिपिक से 51 लाख रुपये नकद बरामद होने की रिपोर्ट सामने आई थी। रकम आयकर विभाग को सौंपे जाने की जानकारी है। मामले में DMFT से जुड़े वित्तीय लेन-देन को लेकर सवाल उठे हैं।
गोला में वाहन जांच के दौरान हुई बरामदगी, DMFT से जुड़े लेन-देन को लेकर जांच के घेरे में मामला
बोकारो | सितंबर 2025
51 लाख रुपये नकद मिलने से मचा हड़कंप
बोकारो जिला प्रशासन के DMFT विभाग में तैनात लेखा लिपिक राजेश पांडे से जुड़े मामले में 51 लाख रुपये नकद बरामद होने के बाद जांच तेज हुई थी। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक रामगढ़ जिले के गोला थाना क्षेत्र में वाहन जांच के दौरान पुलिस ने एक कार से नकदी बरामद की थी।
रिपोर्ट के अनुसार, नकदी 500 रुपये के बंडलों के रूप में मिली थी और गिनती के बाद कुल रकम करीब 51 लाख रुपये बताई गई। बरामद राशि को बाद में आयकर विभाग को सौंप दिया गया।
DMFT से जुड़े कर्मचारी पर उठे सवाल
राजेश पांडे उस समय बोकारो के District Mineral Foundation Trust (DMFT) से जुड़े थे। इसी वजह से इतनी बड़ी नकद राशि की बरामदगी ने DMFT से जुड़े वित्तीय लेन-देन को लेकर सवाल खड़े किए।
बाद की रिपोर्टिंग में आयकर विभाग की जांच को कथित DMFT अनियमितताओं से जोड़ा गया है। एक रिपोर्ट में ₹51 लाख की बरामदगी के बाद खरीद, भुगतान और फंड फ्लो से जुड़े पहलुओं की जांच का उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन रिपोर्टों में सामने आए आरोपों को जांच के निष्कर्ष के रूप में नहीं माना जा सकता।
ठेकेदार की मौजूदगी का भी उल्लेख
उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक जिस वाहन से नकदी बरामद हुई, उसमें राजेश पांडे के साथ एक पेंटिंग ठेकेदार भी मौजूद था।
वहीं, बाद की रिपोर्टिंग में इस मामले में अन्य व्यक्तियों के नाम और कथित वित्तीय अनियमितताओं का भी उल्लेख हुआ है। इन दावों की अंतिम पुष्टि संबंधित जांच एजेंसियों की जांच और आधिकारिक कार्रवाई से ही होगी।
आपराधिक केस को लेकर सवाल
आपके दिए इनपुट में कहा गया है कि रामगढ़ में अब तक आपराधिक मामला दर्ज नहीं हुआ है। उपलब्ध रिपोर्ट में तत्कालीन बोकारो DC की ओर से संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई और मामला दर्ज होने की बात कही गई थी।
इसलिए “अब तक FIR दर्ज नहीं हुई” को बिना ताजा आधिकारिक रिकॉर्ड के निश्चित तथ्य के रूप में लिखने के बजाय सवाल/रिपोर्टेड स्थिति के रूप में रखना बेहतर होगा।म होगा कि मामले की आगे की जाँच किस दिशा में जाती है और किस स्तर तक जिम्मेदारी तय होती है।






