बोकारो में MMDR विधेयक के खिलाफ JMM की हुंकार, मंटू यादव बोले- संघर्ष जारी रहेगा
बोकारो के कनारी पंचायत में झामुमो ने MMDR संशोधन विधेयक के विरोध में जनसभा आयोजित की। महानगर अध्यक्ष मंटू यादव ने विधेयक की वापसी तक संघर्ष जारी रखने की बात कही और 7 सितंबर के धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने की अपील की।
कनारी पंचायत में जनसभा, 7 सितंबर के धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने का आह्वान
बोकारो | 03 सितंबर 2026
खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 यानी MMDR विधेयक के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा का जनजागरण अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में कनारी पंचायत के उत्तरी विस्थापित क्षेत्र स्थित ग्राम झिकलोपा नहर किनारे झामुमो की ओर से जनसभा आयोजित की गई। जनसभा में पार्टी नेताओं ने 7 सितंबर को प्रखंड मुख्यालय में प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने की अपील की।
‘विधेयक की वापसी तक जारी रहेगा संघर्ष’
जनसभा को संबोधित करते हुए झामुमो बोकारो महानगर अध्यक्ष मंटू यादव ने कहा कि MMDR संशोधन विधेयक की वापसी तक पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल किसी व्यक्ति या संगठन की नहीं, बल्कि झारखंड के जल, जंगल, जमीन, खनिज और हक-अधिकार की लड़ाई है।
मंटू यादव ने कहा कि झारखंड की पहचान और अस्मिता राज्य की प्राकृतिक एवं खनिज संपदा से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य के संसाधनों पर झारखंड के हितों और जनता के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए।
‘आंदोलन की राजनीति झामुमो की पहचान’
झामुमो नेता ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन के नेतृत्व में पार्टी ने संघर्ष और आंदोलन की राजनीति सीखी है। जनहित से जुड़े मुद्दों पर झामुमो आगे भी संघर्ष करता रहेगा।
उन्होंने कहा कि झारखंड की पहचान संघर्ष और आंदोलन से रही है और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए पार्टी का आंदोलन जारी रहेगा।
7 सितंबर के धरना-प्रदर्शन में जुटने की अपील
जनसभा के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों से 7 सितंबर को बड़ी संख्या में प्रखंड मुख्यालय पहुंचने की अपील की गई। नेताओं ने कहा कि प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ता और ग्रामीण एकजुट होकर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
जनसभा में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान MMDR विधेयक को लेकर पार्टी की ओर से चलाए जा रहे जनजागरण अभियान को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में लालमोहन हेंब्रम, उदय गोस्वामी, रामदयाल सिंह, महिला नेत्री एकता देवी, सुनीत टुडू, पार्वती देवी, रेमी देवी, ज्योति कुमारी सोरेन, सोमाली देवी, उर्मिला देवी, संपति देवी, रागिनी देवी, हीरामणि देवी, सुमित्रा देवी, शोभा देवी, सरस्वती देवी, संगीता सोरेन, मंजू सोरेन, मंगली देवी, गीत देवी, जीरा देवी, माया देवी, लालमुनी देवी, फूलमानी देवी, द्रोपती देवी, शांति देवी, गोधनी देवी, सीता देवी, झुमरी देवी, निर्मला सोरेन, बसंती सोरेन, देवीलाल मांझी, महेश्वर टुडू, शिवदयाल मांझी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं कार्यकर्ता मौजूद थे।






