झारखंडबोकारो

बीएसएल अनाधिशासी कर्मचारी संघ ने की मांग — सभी कर्मियों को मिले कार पास की सुविधा

हर मौसम में ड्यूटी का संकल्प, फिर भी कार से आने पर रोक

संघ ने कहा कि कर्मी भारी बरसात, भीषण गर्मी और कड़ाके की ठंड में भी समय पर संयंत्र में ड्यूटी पर पहुंचते हैं। रास्ते में आवारा पशु और ट्रैफिक की दिक्कतों के बावजूद, वे पूरी निष्ठा से काम करते हैं। लेकिन जब कोई कर्मी मजबूरी में कार से संयंत्र आता है, तो गेट पर सीआईएसएफ द्वारा उन्हें प्रवेश से रोक दिया जाता है।

संघ का आरोप है कि यह नीति न केवल अनुचित है, बल्कि भेदभावपूर्ण भी है। जबकि अन्य संयंत्रों में समान स्तर के कर्मचारियों को यह सुविधा दी गई है, बोकारो संयंत्र में उनसे यह अधिकार छीना गया है।


“सिर्फ अधिकारी क्यों? कर्मियों से भेदभाव कब तक?”

संघ ने बयान जारी कर कहा:

“सेल अधिकारी, ठेकेदार और ठेका कंपनियों के अधिकारी निजी कार से संयंत्र में प्रवेश करते हैं, लेकिन कार्मिकों के लिए अलग नीति बनाई गई है। यह स्पष्ट रूप से भेदभाव है।”

“कार कर्मी की है, रजिस्ट्रेशन भारत सरकार से प्राप्त है, टैक्स भी कर्मी भरते हैं — फिर भी कार से ड्यूटी पर सिर्फ अधिकारी जाएंगे? यह अन्यायपूर्ण व्यवस्था अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यूनियन इस भेदभाव के खिलाफ हर फोरम पर आवाज उठाएगी।”


निष्कर्ष:

बोकारो स्टील प्लांट देश का सबसे बड़ा संयंत्र है, लेकिन यहां के कर्मियों को वह बुनियादी सुविधा नहीं मिल रही जो अन्य संयंत्रों में दी जा रही है। बीएसएल कर्मचारी संघ की यह मांग केवल सुविधा की नहीं, बल्कि समानता और सम्मान की भी है।

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