बोकारो: जिले में आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय सभागार में जिला प्रशासन की ओर से “हम आपको सुनते हैं” (लोक संवाद) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त (डीसी) अजय नाथ झा ने की। इस दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों और शहरी क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने अपनी समस्याएं सीधे उपायुक्त के समक्ष रखीं।
लोक संवाद कार्यक्रम में कुल 40 आवेदनों पर क्रमवार सुनवाई की गई। उपायुक्त ने प्रत्येक मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी शिकायतों का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़े, इसके लिए सभी अधिकारी जवाबदेही के साथ कार्य करें।
कार्यक्रम के दौरान सबसे प्रमुख मामला सीटी कॉलेज परिसर स्थित एससी-एसटी छात्रावास से जुड़ा रहा। छात्रावास में रह रहे छात्रों ने पेयजल, पहुंच पथ तथा साफ-सफाई की समस्याओं से उपायुक्त को अवगत कराया। शिकायत को गंभीर मानते हुए उपायुक्त ने जिला कल्याण पदाधिकारी सुचिता किरण को तत्काल छात्रावास का स्थल निरीक्षण करने, विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने तथा मौके पर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा कि विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की जिम्मेदारी है। छात्रावास जैसी संस्थाओं में मूलभूत सुविधाओं की कमी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
इसके अलावा कार्यक्रम में भूमि विवाद, राजस्व, शिक्षा, विद्युत, बीएसएल, डीपीएलआर, कल्याण विभाग, आपूर्ति विभाग और विभिन्न अंचल कार्यालयों से जुड़े मामलों की भी सुनवाई की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करने और प्रत्येक शिकायतकर्ता को निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
डीसी ने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य केवल कार्यालयों में बैठकर फाइलों का निपटारा करना नहीं, बल्कि लोगों की वास्तविक समस्याओं को समझते हुए संवेदनशीलता के साथ उनका समाधान करना है। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास प्रशासन की सबसे बड़ी पूंजी है और इस विश्वास को बनाए रखना सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक विभाग जनहित से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करे। किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और यदि किसी मामले में समय अधिक लगने की संभावना हो तो संबंधित आवेदक को इसकी जानकारी अवश्य दी जाए।
लोक संवाद कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, अपर समाहर्ता सुनील चन्द्र, प्रशिक्षु आईएएस अरविंद, डीपीएलआर पूर्णिमा कुमारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रवि कुमार, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा सुचिता किरण, प्रभारी पदाधिकारी जन शिकायत हेमलता बून, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह, डीडीएमओ शक्ति कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
जिला प्रशासन का यह लोक संवाद कार्यक्रम आम नागरिकों और प्रशासन के बीच संवाद को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे लोगों को अपनी समस्याएं सीधे उपायुक्त के समक्ष रखने का अवसर मिलता है और संबंधित विभागों की जवाबदेही भी सुनिश्चित होती है।






