सेक्टर-12E क्वार्टर जमींदोज मामले की जांच रिपोर्ट के बाद प्रशासन का बड़ा आदेश, असुरक्षित भवनों पर लगेगा बोर्ड
बोकारो | 3 सितंबर 2026
बोकारो स्टील सिटी के सेक्टर-12E में क्वार्टर संख्या 1290 के अचानक जमींदोज होने की घटना के बाद जिला प्रशासन ने जर्जर और असुरक्षित भवनों को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। उपायुक्त अजय नाथ झा ने जांच रिपोर्ट के आधार पर BSL प्रबंधन को समयबद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
28 अगस्त को हुई घटना की विस्तृत जांच के लिए चास की अनुमंडल पदाधिकारी प्रांजल ढांडा को जांच पदाधिकारी बनाया गया था। जांच रिपोर्ट 31 अगस्त को जिला प्रशासन को प्राप्त हुई। इसके आधार पर BSL प्रबंधन को आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की सुसंगत धाराओं के तहत आवश्यक कार्रवाई का आदेश दिया गया है।
जर्जर भवनों का होगा नियमित तकनीकी सर्वे
उपायुक्त ने कहा कि जांच में भवनों के नियमित रखरखाव और समय-समय पर तकनीकी निरीक्षण की आवश्यकता सामने आई है। उन्होंने BSL प्रबंधन को स्पष्ट SOP (मानक संचालन प्रक्रिया) तैयार करने का निर्देश दिया।
इसके तहत तकनीकी एजेंसी से भवनों का नियमित सर्वे कराया जाएगा। असुरक्षित पाए जाने वाले भवनों को चिह्नित कर आवश्यकता के अनुसार खाली कराने, मरम्मत कराने या ध्वस्त करने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
असुरक्षित भवनों पर लगेगा बोर्ड, लोगों को मिलेगा वैकल्पिक आवास
प्रशासन ने निर्देश दिया है कि असुरक्षित भवनों की सूची जिला प्रशासन के साथ साझा की जाए और संबंधित भवनों पर स्पष्ट रूप से ‘असुरक्षित भवन’ का बोर्ड लगाया जाए।
ऐसे भवनों में रहने वाले लोगों को वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराकर निर्धारित समय-सीमा में सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने का निर्देश दिया गया है। जरूरत पड़ने पर मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में भी स्थानांतरण की कार्रवाई की जा सकती है।
आवास आवंटन से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए शिकायत निवारण समिति गठित करने का भी निर्देश दिया गया है।
आपदा की सूचना में देरी पर भी DC ने जताई नाराजगी
उपायुक्त ने कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में इंसिडेंट कमांडर के रूप में जिला प्रशासन को तत्काल सूचना मिलनी चाहिए। सेक्टर-12E की घटना के दिन जिला प्रशासन को सूचना अपेक्षाकृत विलंब से मिलने का मामला भी सामने आया।
उन्होंने सभी संबंधित संस्थानों और अधिकारियों को आपदा की स्थिति में तत्काल सूचना और बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
10 दिनों में वैकल्पिक जलापूर्ति व्यवस्था का आदेश
निरीक्षण के दौरान पुराने ओवरहेड टैंकों के कारण भवनों पर पड़ रहे अतिरिक्त भार का भी संज्ञान लिया गया। BSL प्रबंधन को पुराने टैंकों के स्थान पर प्लास्टिक टैंकों के माध्यम से वैकल्पिक जलापूर्ति व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है।
इस व्यवस्था को 10 दिनों के भीतर पूरा करने को कहा गया है। वहीं जिन क्वार्टरों में मामूली मरम्मत की जरूरत है, वहां तत्काल आवश्यक मरम्मत कराने का निर्देश दिया गया है।
15 दिनों में नालियों की प्रभावी सफाई
बोकारो शहर में जलजमाव की समस्या को लेकर भी उपायुक्त ने सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बरसात से पहले नालियों की सफाई के निर्देश के बावजूद कई स्थानों पर सफाई संतोषजनक नहीं मिली।
संबंधित अधिकारियों को अगले 15 दिनों में नालियों की प्रभावी सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। अधिकारियों को खुद स्थल निरीक्षण कर यह देखने का निर्देश दिया गया है कि सफाई वास्तव में हुई है या नहीं।
बाजारों में अतिक्रमण पर तीन बार जुर्माने के बाद दुकान सील
बाजारों में दुकानदारों द्वारा कॉरिडोर और सार्वजनिक स्थानों को अवरुद्ध करने के मामलों पर भी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
ऐसे मामलों में नोटिस देकर जुर्माना लगाने का निर्देश दिया गया है। तीन बार जुर्माना लगाए जाने के बाद भी सुधार नहीं होने पर दुकान सील करने और आवंटन रद्द करने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया है।
सभी बाजारों के लिए एक-एक नोडल या प्रभारी अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे, जो नियमित निगरानी कर रिपोर्ट देंगे। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
‘निर्देशों का जमीन पर अनुपालन जरूरी’
उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा कि बोकारो को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक शहर बनाने के लिए सिर्फ निर्देश जारी करना पर्याप्त नहीं है। निर्देशों का जमीनी स्तर पर प्रभावी अनुपालन और नियमित निगरानी भी जरूरी है।






