
अगस्त 2026 में उत्पादन के कई रिकॉर्ड टूटे, 46 हीट्स का दैनिक रिकॉर्ड और 14,800 से अधिक स्लैब्स का डिस्पैच
बोकारो | 1 सितंबर 2026
बोकारो स्टील प्लांट से बड़ी उपलब्धि सामने आई है। बोकारो इस्पात संयंत्र के स्टील मेल्टिंग शॉप-2 (SMS-2) एवं CCS विभाग ने अगस्त 2026 में उत्पादन के कई नए रिकॉर्ड स्थापित किए हैं। विभाग ने अगस्त महीने में अब तक का सर्वश्रेष्ठ 3,34,310 टन कुल उत्पादन दर्ज किया, जबकि एक दिन में 46 हीट्स ब्लो करने और 14,800 से अधिक स्लैब्स के रिकॉर्ड डिस्पैच समेत कई नए कीर्तिमान बनाए।
बोकारो इस्पात संयंत्र के स्टील मेल्टिंग शॉप-2 (SMS-2) एवं CCS विभाग ने अगस्त 2026 में उत्कृष्ट तकनीकी दक्षता, टीम भावना और बेहतर परिचालन प्रबंधन का परिचय देते हुए उत्पादन के कई नए रिकॉर्ड स्थापित किए हैं। विभाग ने अगस्त माह में अब तक का सर्वश्रेष्ठ 3,34,310 टन कुल उत्पादन दर्ज किया।
अगस्त का पुराना रिकॉर्ड टूटा
SMS-2 एवं CCS का अगस्त माह का नया उत्पादन रिकॉर्ड वर्ष 2018 में दर्ज किए गए 3,04,251 टन के पिछले रिकॉर्ड से काफी अधिक है। इस उपलब्धि के दौरान शॉप-फ्लोर स्तर पर परिचालन निरंतरता, तकनीकी अनुशासन, सुरक्षा और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर विशेष ध्यान दिया गया।
46 हीट्स का नया दैनिक रिकॉर्ड
इस उपलब्धि में 14 अगस्त 2026 का दिन भी खास रहा। विभाग ने एक ही दिन में 46 हीट्स ब्लो करने का नया रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले फरवरी 2025 में 45 हीट्स का रिकॉर्ड दर्ज किया गया था।
विभाग ने 285 टन का उच्चतम मासिक औसत हीट वेट भी हासिल किया, जिसने जनवरी 2025 के 283.2 टन के पिछले आंकड़े को पीछे छोड़ दिया।

14,800 से अधिक स्लैब्स का डिस्पैच
लॉजिस्टिक्स और डिस्पैच के क्षेत्र में भी नया रिकॉर्ड बना। अगस्त के दौरान 14,800 से अधिक स्लैब्स का रिकॉर्ड डिस्पैच किया गया। इससे पहले मार्च 2026 में 14,622 स्लैब्स का रिकॉर्ड दर्ज था।
67 हीट्स का सबसे लंबा अनुक्रम
12 से 15 अगस्त के बीच दो फ्लाइंग टंडिश के साथ 67 हीट्स का सबसे लंबा अनुक्रम सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इसके अलावा 29 हीट्स की उच्चतम टंडिश लाइफ हासिल कर रिफ्रैक्ट्री प्रबंधन में भी उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की गई।
शीर्ष प्रबंधन ने SMS-2 एवं CCS की पूरी टीम के समन्वित प्रयास, तकनीकी दक्षता और कर्मठता की सराहना की है। इन उपलब्धियों को बोकारो इस्पात संयंत्र की परिचालन उत्कृष्टता, प्रक्रिया दक्षता और उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।






