झारखंडबोकारो

पत्रकार को तस्वीर खींचना पड़ा भारी? बोकारो में महिला मजिस्ट्रेट पर दुर्व्यवहार का आरोप

सरकारी गाड़ी की फोटो लेने पर पत्रकार को थाना ले जाने का आरोप, पत्रकारों में आक्रोश

बोकारो | 27 मई 2026

बोकारो में एक पत्रकार के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला सामने आने के बाद पत्रकारों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। दैनिक भास्कर से जुड़े पत्रकार युधिष्ठिर महतो ने बोकारो में तैनात महिला एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट जया कुमारी पर अपने पद और अधिकार का दुरुपयोग करने का गंभीर आरोप लगाया है।

आरोप है कि सरकारी बोलेरो गाड़ी की तस्वीर खींचने पर महिला मजिस्ट्रेट ने पत्रकार के साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें जबरन पुलिस पेट्रोलिंग वाहन से पिंड्राजोरा थाना ले जाकर बैठा दिया।


क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र निवासी एवं दैनिक भास्कर से जुड़े पत्रकार युधिष्ठिर महतो मंगलवार को सुभाष चौक के पास मौजूद थे। इसी दौरान उन्होंने देखा कि “एक्सक्यूटिव मजिस्ट्रेट, चास-बोकारो” लिखी एक सरकारी बोलेरो गाड़ी संख्या JH 09 AZ 5334 खराब हो गई थी और कई लोग उसे धक्का लगा रहे थे।

पत्रकार होने के नाते युधिष्ठिर महतो ने उस दृश्य की तस्वीर अपने मोबाइल कैमरे से ले ली।

सरकारी गाड़ी की फोटो लेने पर पत्रकार को थाना ले जाने का आरोप, पत्रकारों में आक्रोश
सरकारी गाड़ी की फोटो लेने पर पत्रकार को थाना ले जाने का आरोप, पत्रकारों में आक्रोश

कॉलर पकड़ने और गाली-गलौज का आरोप

पत्रकार युधिष्ठिर महतो का आरोप है कि तस्वीर खींचते ही गाड़ी में बैठी महिला बाहर निकलीं और बिना किसी पूछताछ के उनका कॉलर पकड़ लिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि महिला ने खुद को मजिस्ट्रेट बताते हुए गाली-गलौज की और फिर पुलिस की मदद से उन्हें जबरन पिंड्राजोरा थाना ले जाया गया।

इस घटना के बाद पत्रकार को कुछ समय तक थाना में बैठाकर रखा गया।


संस्थान को जानकारी मिलते ही थाने पहुंचे पत्रकार

घटना की जानकारी जैसे ही पत्रकार के संस्थान और अन्य मीडिया कर्मियों को मिली, बड़ी संख्या में पत्रकार पिंड्राजोरा थाना पहुंच गए।

पत्रकारों ने महिला मजिस्ट्रेट के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।


“पत्रकारिता और सम्मान को पहुंची ठेस”

युधिष्ठिर महतो ने कहा कि वह लंबे समय से निष्पक्ष पत्रकारिता कर रहे हैं और इस घटना से उनकी छवि एवं मान-सम्मान को ठेस पहुंची है।

उन्होंने संबंधित महिला अधिकारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।


पत्रकारों में नाराजगी, निष्पक्ष जांच की मांग

इस घटना के बाद बोकारो के पत्रकारों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। मीडिया कर्मियों का कहना है कि अगर एक पत्रकार के साथ इस तरह का व्यवहार होता है, तो यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और पत्रकारिता के अधिकारों पर सवाल खड़ा करता है।

पत्रकार संगठनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।


निष्कर्ष

बोकारो में सामने आया यह मामला अब प्रशासनिक व्यवहार और प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर चर्चा का विषय बन गया है। एक तरफ पत्रकार ने महिला मजिस्ट्रेट पर पद के दुरुपयोग का आरोप लगाया है, वहीं दूसरी ओर पत्रकार संगठनों ने इसे गंभीर मामला बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग तेज कर दी है।

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