उपायुक्त अजय नाथ झा ने चास-बेरमो की पेयजल एवं स्वच्छता योजनाओं की समीक्षा की, कहा- समस्या आने का इंतजार नहीं, पहले से करें तैयारी
बोकारो | 3 सितंबर 2026
बोकारो जिले में पेयजल और स्वच्छता योजनाओं को लेकर प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है। उपायुक्त अजय नाथ झा ने समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल चास और बेरमो (तेनुघाट) के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान SVS, MVS और हर घर जल विलेज कवरेज समेत पेयजल एवं स्वच्छता से जुड़ी योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली गई।
बैठक में उपायुक्त ने अधिकारियों को केवल समस्याओं के सामने आने के बाद कार्रवाई करने के बजाय प्रोएक्टिव एप्रोच के साथ काम करने का निर्देश दिया।
15 दिनों में क्रिटिकल गैप का होगा पूरा विश्लेषण
उपायुक्त ने पेयजल को अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील विषय बताते हुए कहा कि योजनाओं में मौजूद क्रिटिकल गैप की स्पष्ट और समग्र स्थिति सामने आनी चाहिए।
उन्होंने चास और बेरमो प्रमंडल के कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया कि 15 दिनों के भीतर पेयजल योजनाओं के क्रिटिकल गैप का विस्तृत विश्लेषण कर रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। इसके आधार पर जरूरी प्रस्ताव तैयार कर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बरसात में फाइल वर्क पूरा कर योजनाओं को दें गति
समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने कहा कि बारिश के कारण कई जगह निर्माण कार्य प्रभावित हो सकता है। ऐसे समय का इस्तेमाल फाइल वर्क, तकनीकी प्रक्रिया, प्रस्ताव तैयार करने और आवश्यक स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी करने में किया जाए।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि योजनाओं से संबंधित प्रस्ताव तैयार कर संबंधित स्तर पर चर्चा के बाद अंतिम प्रस्ताव उनके समक्ष प्रस्तुत करें, ताकि काम में अनावश्यक देरी न हो।
योजना पूरी होने के बाद O&M पर भी रहे फोकस
उपायुक्त ने कहा कि जिन पेयजल योजनाओं का काम पूरा हो चुका है या जल्द पूरा होने वाला है, उनके हैंडओवर के बाद संचालन एवं रखरखाव यानी O&M की व्यवस्था भी प्रभावी होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि किसी योजना के संचालन के लिए अतिरिक्त संसाधन या सहयोग की जरूरत है, तो उसका आकलन कर स्पष्ट प्रस्ताव तैयार किया जाए। इससे योजनाओं के तैयार होने के बाद उनके संचालन में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
सिर्फ समस्या नहीं, भविष्य की जरूरतों पर भी नजर
उपायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि उनका काम केवल सामने आ रही समस्याओं के समाधान तक सीमित नहीं होना चाहिए। अधिकारियों को प्रोएक्टिव होकर अगले स्तर की जरूरतों और भविष्य की चुनौतियों का आकलन कर समय रहते कार्रवाई करनी होगी।
उन्होंने योजनावार प्रगति की नियमित समीक्षा और लंबित कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने पर भी जोर दिया।
सामुदायिक शौचालय और भूमि उपलब्धता की समीक्षा
बैठक में सामुदायिक स्वच्छ शौचालय निर्माण और SBS कन्वर्जन से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को भूमि की उपलब्धता और चयन से संबंधित विवरण स्पष्ट रूप से संकलित करने का निर्देश दिया, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब न हो।
प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट मशीन की खरीदारी जल्द
उपायुक्त ने प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट मशीन की खरीद प्रक्रिया जल्द पूरी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ठोस और प्लास्टिक कचरा प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
वहीं आगामी समीक्षा बैठक में योजनाओं पर काम कर रहे संबंधित संवेदकों को भी शामिल करने का निर्देश दिया गया है। इससे योजनावार वास्तविक प्रगति, कार्य में आ रही बाधाओं और जरूरी सुधारों की सीधे समीक्षा की जा सकेगी।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, प्रशिक्षु आईएएस अरविंद राधाकृष्णन, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल चास के कार्यपालक अभियंता अनुज कुमार सिन्हा, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह, यूनिसेफ टीम के सदस्य समेत अन्य संबंधित अधिकारी वीडियो संवाद के माध्यम से उपस्थित रहे।






