पार्किंग अतिक्रमण, जलजमाव और सीवेज की समस्या पर व्यापारियों में आक्रोश, समाधान नहीं हुआ तो बोकारो बंद की चेतावनी
बोकारो | 11 सितंबर 2026
बोकारो के सिटी सेंटर में पार्किंग अतिक्रमण, जलजमाव और सीवेज की समस्या को लेकर व्यापारियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बोकारो चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने बोकारो स्टील प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इन समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग की है। चैंबर अध्यक्ष मनोज चौधरी ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो व्यापारी आंदोलन के साथ बोकारो बंद जैसे कठोर कदम उठाने को मजबूर हो सकते हैं।
पार्किंग पर कब्जे से ग्राहक परेशान
मनोज चौधरी ने कहा कि सिटी सेंटर को बोकारो इस्पात नगर की व्यवस्थित मार्केट व्यवस्था के रूप में विकसित किया गया था। यहां दुकानों के साथ पार्किंग, सड़क, स्ट्रीट लाइट, सीवरेज और अन्य नागरिक सुविधाओं की व्यवस्था की गई थी।
चैंबर का आरोप है कि समय के साथ सिटी सेंटर के प्रमुख पार्किंग स्थलों पर खुदरा दुकानदारों द्वारा अतिक्रमण कर लिया गया है। इससे ग्राहकों और आम लोगों को वाहन खड़ा करने में परेशानी होती है।
बरसात के दौरान पर्याप्त जल निकासी नहीं होने से कई स्थानों पर जलजमाव की समस्या भी गंभीर हो जाती है।
सीवेज लाइन के ऊपर अतिक्रमण का आरोप
चैंबर महामंत्री राजकुमार जायसवाल ने आरोप लगाया कि सीवेज टंकियों और सीवेज लाइनों के ऊपर अतिक्रमण कर दुकानें बना दी गई हैं। इसके कारण सीवेज व्यवस्था प्रभावित हो रही है और लाइन जाम होने पर गंदा पानी बाजार परिसर में फैल जाता है।
उन्होंने कहा कि इस समस्या को लेकर पहले भी इस्पात प्रबंधन से शिकायत की गई, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
बरामदे पर कार्रवाई तो पार्किंग पर क्यों नहीं?
राजकुमार जायसवाल ने हालिया निरीक्षण का हवाला देते हुए कहा कि सिटी सेंटर में दुकानों के बरामदे में सामान रखने से ग्राहकों को होने वाली परेशानी का मुद्दा उठाया गया था। चैंबर का सवाल है कि यदि ग्राहकों की सुविधा और व्यवस्थित बाजार व्यवस्था प्राथमिकता है, तो पार्किंग स्थलों पर हुए अतिक्रमण पर भी समान कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?
चैंबर ने इसे प्रबंधन की कथित दोहरी नीति बताया है।
खुदरा दुकानदारों के लिए भी मांगा मानवीय समाधान
चैंबर ने पार्किंग और सार्वजनिक स्थानों को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है। साथ ही खुदरा दुकानदारों की आजीविका प्रभावित नहीं हो, इसके लिए उन्हें अन्यत्र उचित और व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई है।
मनोज चौधरी ने कहा कि चैंबर बातचीत और सकारात्मक समाधान का पक्षधर है, लेकिन समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो व्यापारी आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
हालिया रिपोर्टों में भी सिटी सेंटर में BSL की अतिक्रमण कार्रवाई के दौरान व्यापारियों द्वारा पार्किंग और फुटपाथ की स्थिति को लेकर सवाल उठाए जाने की बात सामने आई है।






