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बोकारो हवाई अड्डा जल्द हो सकता है चालू, नागरिक अधिकार मंच ने केंद्र को सौंपा ज्ञापन

बोकारो हवाई अड्डा के अधूरे कार्यों को शीघ्र पूरा कर उड़ान सेवा शुरू कराने की मांग तेज

बोकारो: बोकारो हवाई अड्डा से व्यवसायिक उड़ान सेवा शीघ्र शुरू हो, इसके लिए नागरिक अधिकार मंच ने केंद्र सरकार से मजबूत पहल करने की मांग की है। मंच के केंद्रीय अध्यक्ष शशि भूषण ओझा ‘मुकुल’ ने रांची स्थित पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा और केंद्रीय राज्य मंत्री सह रांची सांसद संजय सेठ से मिलकर एक ज्ञापन सौंपा।

उन्होंने आग्रह किया कि वर्ष 2018 में उड़ान योजना के तहत शिलान्यास के बावजूद अब तक हवाई अड्डा चालू नहीं हो सका है, जबकि इसे वर्ष 2022 तक पूर्ण हो जाना था। यह प्रोजेक्ट राजनीतिक उपेक्षा का शिकार होकर अधर में लटका हुआ है।

क्या हैं अधूरे कार्य?

  • सतनपुर की पहाड़ी पर एयरपोर्ट लाइटिंग

  • एक एंबुलेंस व उच्च कोटि का अग्निशमन वाहन

  • बाउंड्री से सटे बूचड़खानों को हटाना

  • पर्यावरणीय स्वीकृति का लंबित प्रमाणपत्र

  • सेल की चिमनियों पर लाइटिंग

  • 10 वॉच टावरों को बुलेटप्रूफ में बदलना

शशिभूषण ओझा ने सवाल उठाया कि जब देश के किसी भी हवाई अड्डे पर बुलेटप्रूफ वॉच टावर नहीं हैं, तो बोकारो एयरपोर्ट पर ऐसी मांग क्यों की जा रही है?

केंद्रीय मंत्रियों की प्रतिक्रिया
अर्जुन मुंडा ने आश्वासन दिया कि वे जल्द ही केंद्रीय उड्डयन मंत्री और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) से संपर्क कर मामले को शीघ्र सुलझाएंगे।

वहीं, संजय सेठ ने ज्ञापन पढ़ते ही तत्काल एयरपोर्ट निदेशक से फोन पर बात कर पूरी जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए। साथ ही राज्य सरकार से समन्वय बनाकर लंबित कार्यों को पूरा कराने के लिए दबाव बनाने की बात कही। उन्होंने स्वयं मुख्यमंत्री से मिलकर इस दिशा में पहल का आश्वासन दिया।

निष्कर्ष:
बोकारो हवाई अड्डा के उद्घाटन की उम्मीद एक बार फिर जाग उठी है। यदि केंद्र और राज्य दोनों स्तर पर समन्वय बना, तो जल्द ही बोकारोवासियों को हवाई यात्रा की सुविधा उपलब्ध हो सकती है।

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