बोकारो में झारखंड आंदोलनकारियों ने पेंशन, रोजगार और मान-सम्मान की उठाई मांग
बोकारो: झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा, बोकारो जिला द्वारा तुपकाडीह स्थित उषा पब्लिक अकादमी सभागार में एक दिवसीय विशेष सभा का आयोजन किया गया। इस सभा में राज्य भर से आए आंदोलनकारियों ने सरकार से “जीते जी सम्मान” की मांग को बुलंद किया। सभा का मुख्य उद्देश्य आंदोलनकारियों को राजकीय मान-सम्मान, अलग पहचान, संतानों के लिए रोजगार की गारंटी और ₹50,000 की सम्मान पेंशन दिलाने की माँग को लेकर था।
सभा में यह भी मांग की गई कि आंदोलनकारियों को स्वास्थ्य सुविधा, 10-10 लाख का ग्रुप बीमा, निशुल्क तकनीकी शिक्षा, दीक्षा, भाषा और संस्कृति पर आधारित विशेष सुविधाएं भी दी जाएं।
मथुरा महतो ने दिया मोबाइल से संदेश
मुंबई से मोबाइल के माध्यम से मोर्चा के मुख्य संरक्षक एवं सत्ता पक्ष के मुख्य सचेतक मथुरा प्रसाद महतो ने आंदोलनकारियों को बधाई देते हुए कहा कि सरकार आंदोलनकारियों को मान-सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है।
झारखंड आंदोलनकारी हमारी सबसे बड़ी ताकत: पुष्कर महतो
सभा के मुख्य अतिथि एवं मोर्चा के संस्थापक पुष्कर महतो ने कहा कि “झारखंड आंदोलनकारी इस राज्य की सबसे बड़ी ताकत हैं। इन्हें जाति-धर्म के आधार पर बांटना, खंडित करना राजनीतिक साजिश है। हम एक थे, एक हैं और एक रहेंगे।” उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन के मुख्यमंत्री बनने के पीछे आंदोलनकारियों के संघर्ष की अहम भूमिका रही है।
संघर्ष की नई लहर का आह्वान
केन्द्रीय अध्यक्ष विदेशी महतो ने कहा कि जल, जंगल, जमीन, भाषा और अस्मिता की रक्षा करना हर आंदोलनकारी का कर्तव्य है। उन्होंने गांव-गांव में क्रांतिकारी गीतों, बैठकों और सभाओं के माध्यम से नई क्रांति की शुरुआत करने का आह्वान किया।
कार्यकारी अध्यक्ष जितेंद्र सिंह कुशवाहा ने सरकार से दिशुम गुरु शिबू सोरेन को झारखंड आंदोलनकारी के रूप में गजट नोटिफिकेशन कर राजकीय सम्मान देने की मांग की।
युवा मोर्चा अध्यक्ष ललित नारायण और उत्तरी छोटानागपुर के अध्यक्ष प्रवीण मेहता ने भी सरकार से आंदोलनकारियों की भावना का सम्मान करने और सम्मान पेंशन लागू करने की मांग की।
क्रांति की चेतावनी: जिला अध्यक्ष राजदेव महथा
बोकारो जिला अध्यक्ष राजदेव महथा ने स्पष्ट कहा कि यदि आंदोलनकारियों को उचित राजकीय मान-सम्मान नहीं मिला तो “बोकारो की धरती से नई क्रांति की शुरुआत होगी।”
कार्यक्रम संचालन टीम:
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अध्यक्षता: मणिलाल मांझी
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संचालन: राजदेव महथा
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स्वागत भाषण: सुनीता देवी
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धन्यवाद ज्ञापन: खगेंद्र कुमार वर्मा
प्रमुख उपस्थितियाँ:
पुष्पा बरदेवा, दुलार चंद नायक, इसरार अहमद, सहदेव महतो, गोलू अंसारी, सुरेश महतो, करमचंद महतो गांधी, फिरोज अहमद, कृष्णा महतो, सुकर महतो, अर्जुन महतो, उमेश साहू, जमाल अंसारी, भरत महतो, वीर सिंह बेसरा, देवनारायण मुर्मू, टी. के. महतो, नीलकंठ महतो, रामपद महतो, और अन्य प्रमुख आंदोलनकारी।








