अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर ESL Steel ने शिक्षा, डिजिटल लर्निंग, प्रारंभिक बाल विकास, छात्रवृत्ति और कौशल विकास की पहलों को रेखांकित किया
बोकारो | 8 सितंबर 2026
अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर ESL Steel Limited, जो Vedanta Iron & Steel Limited (VISL) की सहायक कंपनी है, ने झारखंड में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, डिजिटल लर्निंग, प्रारंभिक बाल विकास, छात्रवृत्ति और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए अपनी विभिन्न पहलों को रेखांकित किया।
इस वर्ष की थीम “लोगों, समृद्धि और पृथ्वी के लिए साक्षरता” के अनुरूप ESL की पहल ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के बच्चों एवं युवाओं तक शिक्षा और कौशल विकास के अवसर पहुंचाने पर केंद्रित है।
प्रोजेक्ट शिक्षा से 598 विद्यार्थियों को मिला लाभ
ESL की प्रमुख पहल ‘प्रोजेक्ट शिक्षा’ के तहत वित्त वर्ष 2025-26 में झारखंड के छह लर्निंग रिसोर्स सेंटर (LRCs) के माध्यम से 598 विद्यार्थियों को लाभ मिला।
कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला। कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में 100 प्रतिशत विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की, जबकि 77.5 प्रतिशत विद्यार्थी प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण हुए।
नंद घरों के जरिए प्रारंभिक शिक्षा को बढ़ावा
ESL ग्रामीण क्षेत्रों में प्रारंभिक बाल देखभाल और शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए नंद घर केंद्रों के माध्यम से भी काम कर रहा है।
वित्त वर्ष 2025-26 में नंद घर केंद्रों से 737 बच्चों को लाभ मिला। कंपनी के अनुसार, शुरुआत से अब तक झारखंड में 150 नंद घरों के संचालन और सहयोग में योगदान दिया गया है। वर्तमान में 12 नंद घर केंद्रों की निगरानी की जा रही है।
इन केंद्रों के माध्यम से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा के साथ उनके समग्र विकास पर ध्यान दिया जा रहा है।

डिजिटल लर्निंग से 1,700 से ज्यादा विद्यार्थियों तक पहुंच
ESL की शिक्षा संबंधी पहल डिजिटल लर्निंग तक भी विस्तारित है। झारखंड में Vedanta AAS Vidyalaya की शुरुआत से अब तक 1,700 से अधिक विद्यार्थियों तक इसकी पहुंच बनी है।
वित्त वर्ष 2025-26 में ही 1,100 से अधिक विद्यार्थियों ने इस पहल का लाभ उठाया। कंपनी के अनुसार, इस पहल के तहत बोर्ड परीक्षाओं में लगातार 100 प्रतिशत सफलता दर बनी हुई है।
‘हर बच्चे को आगे बढ़ने का अवसर मिले’
Vedanta Iron and Steel Limited (ESL) के CEO एवं Whole-Time Director रवीश शर्मा ने कहा कि शिक्षा केवल व्यक्ति के भविष्य को नहीं, बल्कि पूरे समुदाय के भविष्य को बदलने की क्षमता रखती है।
उन्होंने कहा कि झारखंड में बच्चों और युवाओं को सीखने, आत्मविश्वास बढ़ाने और भविष्य को बेहतर बनाने के लिए जरूरी कौशल विकसित करने के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में कंपनी प्रतिबद्ध है। प्रोजेक्ट शिक्षा, Vedanta AAS Vidyalaya, छात्रवृत्ति और कौशल विकास की पहल इसी सोच को दर्शाती हैं।
841 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण
ESL ने शिक्षा के साथ युवाओं के कौशल विकास और रोजगार क्षमता को बढ़ाने पर भी जोर दिया है।
Vedanta ESL Skill School (VESS) के माध्यम से स्थापना के बाद से अब तक झारखंड के 841 युवाओं को प्रशिक्षण एवं सहयोग प्रदान किया गया है।
इस पहल का उद्देश्य उद्योग की जरूरतों के अनुरूप युवाओं को कौशल प्रदान करना और उनकी आकांक्षाओं तथा रोजगार के अवसरों के बीच की दूरी को कम करना है।
शिक्षा से रोजगार तक अवसर बढ़ाने पर जोर
ESL की विभिन्न पहलें शिक्षा, डिजिटल लर्निंग, प्रारंभिक बाल विकास और कौशल प्रशिक्षण को एक साथ जोड़ने की दिशा में केंद्रित हैं। अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर इन प्रयासों को सामने रखते हुए कंपनी ने शिक्षा को बेहतर सीखने के परिणामों और युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों से जोड़ने की प्रतिबद्धता दोहराई है।







