बोकारो के छोटे उद्योगों को मिलेगी नई ताकत, इंजीनियरिंग क्लस्टर में कॉमन फैसिलिटी सेंटर से उत्पादन लागत घटाने की तैयारी
बोकारो, 29 अक्टूबर 2026: झारखंड के बोकारो जिले में छोटे और मध्यम उद्योगों के विकास को लेकर महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। बोकारो इंजीनियरिंग क्लस्टर में कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) की स्थापना से एमएसएमई इकाइयों को आधुनिक मशीनों और तकनीकी सुविधाओं का साझा लाभ मिल सकेगा। इससे उत्पादन लागत कम होने, उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर होने और स्थानीय उद्योगों को नए अवसर मिलने की उम्मीद है।
बोकारो इंजीनियरिंग क्लस्टर को मजबूत बनाने की पहल
29 अक्टूबर को एमएसई-सीडीपी के अंतर्गत बोकारो इंजीनियरिंग क्लस्टर से संबंधित बैठक आयोजित हुई।
बैठक की अध्यक्षता क्षेत्रीय उपनिदेशक ने की। इसमें जियाडा, एमएसएमई विभाग और विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
इस दौरान कॉमन फैसिलिटी सेंटर से स्थानीय उद्योगों को मिलने वाले संभावित लाभों पर चर्चा हुई।

आधुनिक मशीनों का साझा उपयोग कर सकेंगे छोटे उद्योग
कॉमन फैसिलिटी सेंटर का उद्देश्य छोटे उद्यमियों को महंगी मशीनों और आधुनिक तकनीकी संसाधनों की साझा सुविधा उपलब्ध कराना है।
इससे उन एमएसएमई इकाइयों को लाभ मिल सकता है, जिनके लिए व्यक्तिगत स्तर पर महंगे उपकरण खरीदना कठिन होता है।
इसके अलावा गुणवत्ता परीक्षण और तकनीकी उन्नयन की सुविधाएं भी उपलब्ध हो सकेंगी।
स्टील और खनन उद्योगों के लिए कल-पुर्जों का निर्माण बढ़ेगा
उत्पादन लागत कम करने और गुणवत्ता सुधारने पर जोर
बोकारो इंजीनियरिंग क्लस्टर की इस पहल से स्टील, खनन और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों की मांग के अनुरूप कल-पुर्जों के निर्माण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
साथ ही स्थानीय उद्योगों की उत्पादन क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मक दक्षता बेहतर हो सकती है।
इससे छोटे उद्यमों को बड़े औद्योगिक बाजार की जरूरतों के अनुरूप काम करने में सहायता मिलेगी।
स्थानीय रोजगार और नए व्यावसायिक अवसरों को मिलेगा प्रोत्साहन
इस पहल से बोकारो के एमएसएमई क्षेत्र में तकनीकी विकास और नए व्यावसायिक अवसरों को प्रोत्साहन मिलने की संभावना है।
बैठक में जियाडा के सहायक विकास पदाधिकारी, एमएसएमई के सहायक निदेशक, डीएफओ से संबंधित पदाधिकारी, जियाडा पीएमओ, क्लस्टर एसपीवी सदस्य और औद्योगिक एसोसिएशन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कॉमन फैसिलिटी सेंटर की स्थापना से बोकारो के औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।






