तेनुघाट उच्च विद्यालय के पुनः संचालन को लेकर उपायुक्त ने की समीक्षा, 15 दिनों में मांगी रिपोर्ट
तेनुघाट उच्च विद्यालय के पुनः संचालन को लेकर उपायुक्त अजय नाथ झा ने समीक्षा बैठक की। विद्यालय भवन के जीर्णोद्धार और पीपीपी मोड पर संचालन की संभावना पर चर्चा हुई। जरूरत पड़ने पर इसे कौशल विकास एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र के रूप में उपयोग करने की संभावना भी तलाशी जाएगी।
विद्यालय भवन के जीर्णोद्धार और संचालन के लिए बजट में प्रावधान का निर्देश, जरूरत पर कौशल विकास केंद्र बनाने की भी होगी संभावना
बोकारो, 29 सितंबर 2026।
बोकारो में बंद पड़े तेनुघाट उच्च विद्यालय के पुनः संचालन को लेकर जिला प्रशासन ने पहल शुरू की है। उपायुक्त अजय नाथ झा ने विद्यालय के भवन के जीर्णोद्धार, संचालन की संभावनाओं और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने 15 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।
तेनुघाट उच्च विद्यालय के पुनः संचालन पर चर्चा
समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में हुई बैठक में उपायुक्त ने तेनुघाट नदी घाटी परियोजना के अंतर्गत संचालित उच्च विद्यालय के बंद होने पर चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि नदी घाटी परियोजना के तहत विद्यालय की स्थापना परियोजना क्षेत्र के बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराने और स्थानीय लोगों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से की गई थी। ऐसे में विद्यालय का बंद होना गंभीर विषय है।

विद्यालय के जीर्णोद्धार और संचालन की होगी समीक्षा
उपायुक्त ने विद्यालय भवन का जीर्णोद्धार कराकर पीपीपी मोड पर संचालन की संभावनाओं पर विचार करने का निर्देश दिया।
डैम के कार्यपालक अभियंता को जिला शिक्षा पदाधिकारी के साथ समन्वय कर विद्यालय की उपयोगिता का आकलन करने को कहा गया। साथ ही आसपास के सरकारी उच्च विद्यालयों की उपलब्धता और विद्यार्थियों की संख्या की भी जानकारी जुटाने का निर्देश दिया गया है।
अधिकारियों से इन सभी बिंदुओं पर 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगी गई है।
कौशल विकास केंद्र के रूप में उपयोग की संभावना
बैठक में यह भी तय किया गया कि यदि विद्यालय का दोबारा संचालन व्यावहारिक नहीं पाया जाता है, तो उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कौशल विकास एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र के रूप में करने की संभावना तलाशी जाएगी।
इससे स्थानीय युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण और स्वरोजगार के अवसर मिल सकते हैं। साथ ही परियोजना क्षेत्र में प्रशिक्षित तकनीकी मानव संसाधन उपलब्ध कराने में भी मदद मिल सकती है।






