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झारखंडबोकारो

बोकारो: अनुसंधान को मिलेगा वैज्ञानिक आधार, जिले के 20 थानों को मिली इन्वेस्टिगेशन किट

एसपी नाथू सिंह मीणा की पहल, वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन, समयबद्ध चार्जशीट और दोषसिद्धि बढ़ाने के उद्देश्य से थानों को उपलब्ध कराई गई अनुसंधान किट।

बोकारो | 13 जुलाई 2026 : बोकारो पुलिस ने अनुसंधान को अधिक वैज्ञानिक और प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीणा के निर्देश पर जिले के 20 थानों को अनुसंधान किट उपलब्ध कराई गई है।

इन किटों की मदद से वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन, समयबद्ध चार्जशीट और न्यायालय में प्रभावी गवाही सुनिश्चित कर दोषसिद्धि दर बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।


बोकारो पुलिस ने 20 थानों को दी अनुसंधान किट, वैज्ञानिक जांच को मिलेगी नई मजबूती

बोकारो पुलिस ने अपराध अनुसंधान को आधुनिक और वैज्ञानिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीणा के निर्देश पर सोमवार को जिले के 20 थानों को अनुसंधान (Investigation) किट उपलब्ध कराई गई। इसका उद्देश्य घटनास्थल से वैज्ञानिक एवं ठोस साक्ष्य संकलित कर समयबद्ध अनुसंधान, शीघ्र चार्जशीट और न्यायालय में प्रभावी साक्ष्य प्रस्तुत कर दोषसिद्धि की दर को बढ़ाना है।

जांच के लिए उपलब्ध कराए गए आधुनिक उपकरण

प्रत्येक अनुसंधान किट में जांच कार्य के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई है। इनमें शू कवर, डिस्पोजेबल कैप, मेगाफोन, हैंड ग्लव्स, ट्रैफिक कोन, फेस मास्क, क्राइम सीन टेप, सायरन, POS मशीन (हैंडहेल्ड साउंड लेवल मीटर सहित) तथा सर्च लाइट जैसे आधुनिक उपकरण शामिल हैं।

वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन पर रहेगा विशेष फोकस

पुलिस अधीक्षक ने सभी अनुसंधानकर्ताओं को निर्देश दिया कि घटनास्थल पर उपलब्ध वैज्ञानिक साक्ष्यों के संरक्षण और संकलन में इन उपकरणों का अधिकतम उपयोग किया जाए। इससे जांच की गुणवत्ता बेहतर होगी और अदालत में साक्ष्य आधारित प्रभावी गवाही के माध्यम से दोषियों को सजा दिलाने में सहायता मिलेगी।

पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने की पहल

बोकारो पुलिस का मानना है कि वैज्ञानिक अनुसंधान से अपराध की विवेचना अधिक मजबूत होगी, जिससे दोषियों को सजा दिलाना आसान होगा और पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सकेगा। यह पहल आधुनिक पुलिसिंग और पारदर्शी अनुसंधान व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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