
झील के पास एंटी क्राइम चेकिंग में दबोचे गए चार आरोपी, पूछताछ के बाद लोकल नेटवर्क से जुड़े चार अन्य तक पहुंची पुलिस
हजारीबाग | 02 सितंबर 2026
हजारीबाग जिले में राहगीरों से छिनतई की घटनाओं को अंजाम देने वाले कथित कोढ़ा गिरोह के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। लोहसिंघना थाना क्षेत्र में एंटी क्राइम चेकिंग और छापेमारी के दौरान पुलिस ने गिरोह से जुड़े 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के पास से छिने गए सोने के आभूषण, चोरी की मोटरसाइकिल, फर्जी नंबर प्लेट और मोबाइल समेत अन्य सामान बरामद किए गए हैं।
पुलिस को 1 सितंबर 2026 को सूचना मिली थी कि कोढ़ा गिरोह के कुछ अपराधकर्मी दोबारा छिनतई की घटना को अंजाम देने के लिए हजारीबाग के शहरी क्षेत्र में दाखिल हुए हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सदर एसडीपीओ रूपक कुमार के नेतृत्व में एंटी क्राइम चेकिंग एवं छापामारी टीम गठित की गई।
हजारीबाग झील के पास पुलिस ने घेरा
गठित टीम ने तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर संभावित ठिकानों पर चेकिंग शुरू की। इसी दौरान लोहसिंघना थाना प्रभारी ने हजारीबाग झील के आसपास एंटी क्राइम चेकिंग शुरू की।
इसी क्रम में झील की ओर से दो मोटरसाइकिल पर चार लोग आते दिखाई दिए। पुलिस ने दोनों वाहनों को रुकने का इशारा किया। पुलिस के अनुसार दोनों बाइक सवारों ने वाहन घुमाकर भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने घेराबंदी कर चारों को पकड़ लिया।
पूछताछ में कोढ़ा गैंग से जुड़े होने का दावा
पकड़े गए आरोपियों की पहचान मिट्ठु यादव, रितिक कुमार यादव, सन्नी कुमार और अमन यादव के रूप में हुई। सभी का संबंध कटिहार, बिहार के कोढ़ा थाना क्षेत्र के नया टोला जुराबगंज से बताया गया है।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने दोनों मोटरसाइकिलों को चोरी का बताया और उन पर फर्जी नंबर प्लेट लगे होने की जानकारी दी। आरोपियों ने कथित तौर पर खुद को कोढ़ा गैंग से जुड़ा बताया।
पुलिस के मुताबिक गिरोह का मुख्य तरीका फर्जी नंबर प्लेट लगी मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल कर लोगों से सोने-चांदी के आभूषण और चेन छीनना तथा बैंक और पोस्ट ऑफिस से निकलने वाले लोगों की रेकी कर उनसे रुपये छीनना या चोरी करना था।
बिहार-झारखंड में 100 से ज्यादा वारदात का दावा
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने बिहार और झारखंड के अलग-अलग जिलों में 100 से अधिक घटनाओं को अंजाम देने की बात बताई है। हालांकि इन सभी घटनाओं की पुष्टि संबंधित मामलों के सत्यापन के बाद ही होगी।
पूछताछ में गिरोह के कथित मुख्य संचालकों के रूप में पुसु यादव, आनंद यादव और विकास यादव उर्फ रंगीला यादव के नाम सामने आए हैं। इसके अलावा सावन कुमार, सुजल कुमार यादव और राजकुमार यादव को भी संगठन का सदस्य बताया गया है।
हजारीबाग में लोकल नेटवर्क का भी खुलासा
पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपियों ने हजारीबाग के चौपारण में गिरोह के कथित लोकल नेटवर्क की जानकारी दी। इसमें अरशद खान, अजहर खान और अफसर खान के नाम सामने आए।
तीनों को चौपारण थाना क्षेत्र के मरहेड़ी गांव का निवासी बताया गया है। पुलिस के अनुसार चौपारण बस स्टैंड के पास उनका गैरेज है, जहां चोरी की मोटरसाइकिलों के रखरखाव और उन्हें छिपाकर रखने का काम किए जाने की जानकारी मिली।
इसके बाद पुलिस ने तीनों को पूछताछ के लिए थाना लाया और उनके घर से दो मोटरसाइकिल बरामद की गईं।
पूर्व के मामले में छिने आभूषण भी बरामद
छापामारी टीम ने गिरोह से जुड़े बताए गए सावन कुमार को भी गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार उसके पास से पूर्व के एक मामले में छिने गए आभूषण बरामद किए गए।
8 गिरफ्तार आरोपियों में ये नाम
पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में—
- मिट्ठु यादव, उम्र करीब 41 वर्ष
- रितिक कुमार यादव, उम्र करीब 24 वर्ष
- सन्नी कुमार, उम्र करीब 24 वर्ष
- अमन यादव, उम्र करीब 32 वर्ष
- सावन कुमार
- अरशद खान
- अजहर खान
- अफसर खान
शामिल हैं।
चोरी की बाइक और फर्जी नंबर प्लेट बरामद
पुलिस की ओर से जारी बरामदगी विवरण में सोने के आभूषण, चोरी की मोटरसाइकिल, 23 पुड़िया पदार्थ, की-पैड मोबाइल और फर्जी नंबर प्लेट का उल्लेख किया गया है। सूची में सोने के आभूषण की मात्रा लगभग 27 ग्राम तथा चोरी की मोटरसाइकिलों की संख्या 4 बताई गई है।
कई आरोपियों का रहा है आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार अमन यादव पूर्व में मोटरसाइकिल चोरी एवं छिनतई के दो मामलों में जेल जा चुका है। सन्नी कुमार एक बार मोटरसाइकिल चोरी के मामले में जेल गया है। वहीं मिट्ठु यादव के खिलाफ पश्चिम बंगाल में अवैध शराब से संबंधित मामले में जेल जाने की जानकारी पुलिस ने दी है।
हजारीबाग पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब गिरोह के अन्य सदस्यों और बिहार-झारखंड में इसके नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।






